फिलीपींस में भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों ने पकड़ी रफ्तार, सेना ‘रेड अलर्ट’ पर,

नेपाल में हालिया राजनीतिक हलचल के बाद अब फिलीपींस में भी युवाओं के नेतृत्व में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। राजधानी मनीला में भ्रष्टाचार को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है।राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस जूनियर ने सोमवार को कहा कि वह प्रदर्शनकारियों को दोषी नहीं मानते, बल्कि जनता के गुस्से की वजह को समझते हैं। उनका कहना है कि फर्जी बाढ़ नियंत्रण परियोजना में हुए भ्रष्टाचार ने लोगों में असंतोष को जन्म दिया है।हाल के दिनों में यूनिवर्सिटी ऑफ फिलीपींस के परिसर में हुए एक प्रदर्शन में करीब 3,000 छात्र शामिल हुए। रविवार को हुए बड़े प्रदर्शन के बाद सरकार ने सेना को ‘रेड अलर्ट’ पर रखा। इस विरोध का एक संबंध 1972 में तत्कालीन राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस (वर्तमान राष्ट्रपति के पिता) द्वारा घोषित मार्शल लॉ की वर्षगांठ से भी जोड़ा जा रहा है।फिलीपींस की भूराजनीतिक स्थिति हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अत्यंत अहम मानी जाती है। यहां राजनीतिक अस्थिरता का असर क्षेत्रीय सुरक्षा पर सीधा पड़ सकता है। चीन की बढ़ती धमकियों के बीच फिलीपींस ने हाल ही में भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदी है।स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रपति मार्कोस ने भ्रष्टाचार मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस को जांच निकाय का प्रमुख नियुक्त किया है।

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