भोपाल I भोपाल से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एमपी नगर स्थित सोम ग्रुप के दफ्तर और फैक्ट्री पर कस्टम विभाग ने छापामार कार्रवाई की है। शुक्रवार दोपहर शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। सूत्रों के अनुसार यह रेड कर चोरी, एक्सपोर्ट–इंपोर्ट से जुड़े घोटाले और बियर की बोतलों की अवैध पैकिंग के मामले में की जा रही है। कस्टम विभाग की टीमें भारी मात्रा में दस्तावेजों की जांच कर रही हैं और फैक्ट्री परिसर से पुराने व विवादित स्टॉक को जब्त कर उसका नष्टीकरण भी आरंभ किया गया है।

बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में पुरानी बियर बोतलों का स्टॉक रखा गया था, जिन्हें दोबारा पैक कर बाजार में सप्लाई करने की तैयारी थी। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही कुछ स्टॉक को नष्ट करवाना शुरू कर दिया है, ताकि इन्हें किसी तरह से बाजार में न पहुंचाया जा सके। इस कार्रवाई से फैक्ट्री प्रबंधन में हड़कंप मच गया है और अधिकारियों की पूछताछ के दौरान कई अनियमितताओं के दस्तावेज सामने आए हैं।
कस्टम विभाग की शुरुआती जांच में सामने आया है कि सोम ग्रुप लंबे समय से एक्सपोर्ट और इंपोर्ट से जुड़े मामलों में गड़बड़ी कर रहा था। बियर की बॉटलिंग और उसके पुनः पैकेजिंग में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। कर चोरी के भी गंभीर आरोप हैं, जिसका सीधा असर सरकार के राजस्व पर पड़ रहा था।
यह पहला मौका नहीं है जब सोम ग्रुप विवादों में आया हो। इससे पहले भी फैक्ट्री पर घटिया क्वालिटी की बियर सप्लाई करने और पुरानी बोतलों को दोबारा पैक कर बेचने के आरोप लग चुके हैं। कई बार बाजार में उपलब्ध प्रोडक्ट की क्वालिटी को लेकर उपभोक्ताओं ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। हालांकि कंपनी प्रबंधन इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है।
इस बार कस्टम विभाग की कार्रवाई ने कंपनी के खिलाफ संदेह को और मजबूत किया है। विभाग की टीमें एमपी नगर स्थित ऑफिस से लेकर फैक्ट्री तक बारीकी से रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। दस्तावेजों की जांच से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। विभाग सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने एक्साइज और कस्टम ड्यूटी से बचने के लिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की है।
कार्रवाई के दौरान बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इलाके में इस रेड की खबर फैलते ही उत्सुक लोगों की भीड़ लग गई। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी तैनात कर दिया है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि विभाग को कई अहम कागजात हाथ लगे हैं जिनसे कर चोरी और एक्सपोर्ट–इंपोर्ट घोटाले की परतें खुल सकती हैं।
इस छापामार कार्रवाई ने व्यापारिक जगत में हलचल मचा दी है। अन्य कंपनियां भी सतर्क हो गई हैं, क्योंकि कस्टम विभाग ने इशारा दिया है कि आने वाले दिनों में संदिग्ध कारोबारियों के खिलाफ बड़े कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल भोपाल की इस सबसे चर्चित कार्रवाई ने सोम ग्रुप को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
कुल मिलाकर, कर चोरी, दोबारा पैकिंग और क्वालिटी से जुड़े पुराने विवादों के बीच कस्टम विभाग की यह ताजा कार्रवाई कंपनी के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। फैक्ट्री से जब्त किया गया स्टॉक और दस्तावेज आगामी जांच में कंपनी के खिलाफ बड़े सबूत साबित हो सकते हैं। भोपाल की जनता और कारोबारी जगत अब इस मामले के आगे के खुलासों पर निगाहें गड़ाए बैठा है।