आज जबलपुर ने एक महान विभूति को खो दिया। डॉ. डा बर जी का निधन न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। वे एक सच्चे राष्ट्रसेवक, और चिकित्सा जगत के प्रेरणास्रोत थे। उनका जीवन गरीबों, पीड़ितों और वंचितों की सेवा को समर्पित रहा।
वर्तमान में चिकित्सा को सेवा नहीं व्यवसाय समझने वालों के लिए आइना थे

उनके विचार, मूल्य और समाज के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए एक आदर्श हैं।
जनता दल यूनाइटेड, मध्य प्रदेश परिवार की ओर से, सूरज जायसवाल उनके चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कि और ईश्वर से प्रार्थना कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। साथ ही उनके परिजनों को इस दुःख की घड़ी में संबल और शक्ति दे।
दो रुपए से शुरू किया था इलाज
उन्होंने 2 रुपए में लोगों का इलाज शुरू किया और वर्तमान में फीस के रूप में सिर्फ 20 रुपए लेते हैं। मानव सेवा के लिए उनका समर्पण के लिए केन्द्र सरकार के द्वारा देश के 74 वें गणतंत्र दिवस पर उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया था।
सभी चिकित्सकों के लिए हैं आदर्श
नेता जी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ नवनीत सक्सेना ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि वह सभी चिकित्सकों के लिए आदर्श थे। चिकित्सा के पेशे में आने वाले डॉक्टरों को उनके मानवीय भाव से सीखना चाहिए। उन्होंने डॉक्टरी के पेशे को कभी भी रुपए कमाने का माध्यम नहीं बनाया। उन्होंने डॉक्टर के रूप में सवैद मानव समुदाय के लिए सेवा प्रदान की है।
सीएमएचओ डॉ संजय मिश्रा का कहना है कि उनका निधन समाज के सभी वर्गो के लिए अपूर्णीय क्षति है। वर्तमान समय में भी वह फीस के रूप आने वाले मरीजों से सिर्फ 20 रुपए लेते थे। उनके क्लीनिक में पानी भरा होने के बावजूद भी मरीजों का उपचार करते थे।