अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए घोषणा की कि बांग्लादेश में आम चुनाव अप्रैल 2026 के पहले पखवाड़े में कराए जाएंगे। यह निर्णय देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।हालाँकि, इस घोषणा को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समूहों की ओर से विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य विपक्षी ताकतें दिसंबर 2025 में ही चुनाव कराए जाने की मांग कर रही हैं। इन दलों का तर्क है कि लोकतंत्र की बहाली और जनता के विश्वास के लिए जल्द चुनाव आवश्यक हैं।दूसरी ओर, नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने अप्रैल 2026 में चुनाव कराए जाने की घोषणा को स्वीकार किया है, लेकिन इसके साथ जुलाई चार्टर, जुलाई घोषणा और आवश्यक राजनीतिक सुधारों को शीघ्र लागू करने की माँग रखी है। एनसीपी पहले से ही चुनाव को आगे बढ़ाने की पक्षधर रही है। इस बीच, जमात-ए-इस्लामी जैसे इस्लामिक दलों को भी यूनुस सरकार में दोबारा चुनावी राजनीति में भागीदारी का अवसर मिला है।अभी तक चुनाव कार्यक्रम, तारीख़ और प्रक्रिया को लेकर कोई विस्तृत विवरण जारी नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार की पारदर्शिता और योजना पर सवाल उठाए जा रहे हैं।अंतरिम प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह सभी राजनीतिक दलों से संवाद स्थापित कर चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध बनाए।