सेना को आयरन डोम मिसाइल रक्षा कवच का निर्माण शुरू करने का निर्देश देंगे। रविवार को अपनी रैली में ट्रंप ने कहा कि शपथ के तुरंत बाद वह इस पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह मिसाइल डिफेंस शील्ड है और इसे अमेरिका में ही बनाया जाएगा। यह इजरायल की मिसाइल रक्षा प्रणाली की तरह होगा और नाम भी आयरन डोम ही होगा। ऐसे में जल्दी ही अमेरिका में भी ‘इजरायली आयरन डोम’ देखने को मिल सकता है। वह सत्ता में आने पर आयरन डोम का निर्माण करेंगे। यह इजरायल के रॉकेट डिफेंस सिस्टम जैसा होगा। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका को भी ऐसी सुरक्षा प्रणाली की जरूरत है। बीते कुछ समय में इजरायल ने हमास और हूती विद्रोहियों के रॉकेटों को आयरन डोम की मदद से रोका है। इसकी सफलता दर 90 फीसदी से ज्यादा कही गई है। यही वजह है कि दुनिया का ध्यान इस पर गया है और ट्रंप भी बार-बार आयरन डोम का जिक्र कर रहे हैं। ट्रंप ऐसे समय ये सिस्टम चाहते हैं, जब रूस और चीन की मिसाइल ताकत लगातार बढ़ रही है।