
मध्यप्रदेश अपने गौरवशाली इतिहास और विकास यात्रा का प्रतीक बनकर एक नवम्बर को 70वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस वर्ष का आयोजन “अभ्युदय मध्यप्रदेश” थीम पर आधारित है, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार, 1 नवम्बर को सायं 6:30 बजे भोपाल स्थित लाल परेड ग्राउंड में करेंगे।इस अवसर पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू, भारत सरकार के विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल, तथा पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
समृद्ध, विकसित और सशक्त मध्यप्रदेश की झलक
तीन दिनों तक चलने वाला यह उत्सव प्रदेश की समृद्ध विरासत, संस्कृति, कला और विकास यात्रा का संगम प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में गीत, संगीत, नृत्य, कला, शिल्प, छायाचित्र प्रदर्शनियां, ड्रोन शो तथा भव्य आतिशबाजी शामिल हैं। प्रत्येक दिवस का मुख्य समारोह शाम 6:30 बजे से लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होगा।शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन और उपलब्धियों पर आधारित तीन मिनट की फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। यह फिल्म विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के विजन को दर्शाएगी।
500 कलाकारों द्वारा “विश्ववंद” प्रस्तुति
समारोह की विशेष प्रस्तुति के रूप में प्रदेश के 500 कलाकार सामूहिक रूप से भगवान श्रीकृष्ण की जीवन यात्रा को “विश्ववंद” शीर्षक के अंतर्गत सांगीतिक रूप में प्रस्तुत करेंगे। यह प्रस्तुति संगीत, नृत्य और नाट्य तत्वों का अद्भुत संगम होगी, जो प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोएगी।इसके अतिरिक्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से “विरासत से विकास” थीम पर आधारित भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। इस शो में 2000 ड्रोन आसमान में एक साथ उड़ान भरकर मध्यप्रदेश के विकास की कहानी को अद्भुत दृश्य प्रभावों के साथ प्रस्तुत करेंगे। यह अब तक का सबसे बड़ा विजुअल शो होगा, जिसमें “विकसित मध्यप्रदेश 2047” की झलक देखने को मिलेगी।
जुबिन नौटियाल का संगीतमय कार्यक्रम
उद्घाटन दिवस की संध्या को प्रसिद्ध पार्श्वगायक श्री जुबिन नौटियाल एवं उनका समूह मुम्बई से विशेष प्रस्तुति देंगे। वे अपने लोकप्रिय गीतों “रातां लम्बियां”, “हमनवां मेरे”, “तारों के शहर” सहित कई रोमांचक गीत प्रस्तुत करेंगे। संगीत के बाद भव्य आतिशबाजी से आकाश जगमगा उठेगा और “अभ्युदय मध्यप्रदेश” की गूंज पूरे शहर में सुनाई देगी।
विविध प्रदर्शनियां और मेले
एक नवम्बर की सुबह 11 बजे, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाल परेड ग्राउंड में आयोजित विविध प्रदर्शनियों का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू एवं श्री अर्जुन राम मेघवाल भी उपस्थित रहेंगे।अभ्युदय मध्यप्रदेश के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक विविध अनुषांगिक गतिविधियों का आयोजन होगा। इनमें मुख्य रूप से निम्न प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र होंगी —
- विकसित मध्यप्रदेश 2047
- मध्यप्रदेश के गौरव विक्रमादित्य और अयोध्या
- विक्रमादित्य की मुद्राएं और सिक्के
- आर्ष भारत, भारत विक्रम
- मध्यप्रदेश की बावड़ियां एवं पारंपरिक कला
- विरासत से विकास तक का सफर
- मध्यप्रदेश के मंदिर: देवलोक की झलक
इसके अतिरिक्त, एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत “शिल्प मेला” का आयोजन किया गया है, जहां प्रदेश के शिल्पकार अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। साथ ही “स्वाद” देशज व्यंजन मेला में आगंतुकों को मध्यप्रदेश के पारंपरिक स्वाद का अनुभव मिलेगा।
लोक एवं जनजातीय नृत्य
2 और 3 नवम्बर को दोपहर 3 बजे से जनजातीय एवं लोक नृत्य प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें प्रदेश की विविध सांस्कृतिक परंपराएं जीवंत होंगी। करमा, परधौनी, भगोरिया, गुन्नूरसाही, घसियाबाजा, भड़म, बधाई, गणगौर, मोनिया और अहिराई जैसे पारंपरिक नृत्य रूप रंगारंग रूप में प्रस्तुत किए जाएंगे।
अभ्युदय मध्यप्रदेश — एकता, विकास और गौरव का प्रतीक
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का यह 70वां वर्ष प्रदेश के विकास, एकता और नवाचार की यात्रा का प्रतीक है। “अभ्युदय मध्यप्रदेश” केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह प्रदेश की उपलब्धियों, संभावनाओं और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई शुरुआत है।