
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा ही समाज में सकारात्मक बदलाव की सबसे मजबूत और सशक्त बुनियाद है। शिक्षा के माध्यम से ही परिवार, समाज और देश के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के प्रत्येक बच्चे—चाहे वह बालक हो या बालिका—सभी को समान रूप से शिक्षा के अवसर मिलने चाहिए। शिक्षित बच्चे ही एक मजबूत, आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र की नींव रखते हैं।राज्यपाल श्री पटेल ने यह विचार मंगलवार को सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील के ग्राम मोगराखेड़ा में आयोजित जनजातीय विकास सशक्तिकरण सम्मेलन में व्यक्त किए। इस अवसर पर राज्यपाल का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों एवं लोक परंपराओं के अनुरूप आत्मीय स्वागत किया गया। सम्मेलन में स्कूली बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई, जिसे राज्यपाल ने सराहा।राज्यपाल श्री पटेल ने जनजातीय समुदाय के नागरिकों से आह्वान किया कि शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अपनी पहचान और विरासत को संजोते हुए आधुनिक शिक्षा को अपनाना ही समग्र विकास का मार्ग है।स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी कथन “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” का उल्लेख करते हुए राज्यपाल श्री पटेल ने युवाओं और समाज के सभी वर्गों से सतत प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।राज्यपाल श्री पटेल ने नशे को व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए अत्यंत घातक बताते हुए कहा कि नशा व्यक्ति को आर्थिक और सामाजिक रूप से खोखला कर देता है तथा देश के विकास में भी गंभीर बाधा बनता है। उन्होंने नागरिकों से नशा त्याग कर स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।जनजातीय समुदाय के महान नायक भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान का स्मरण करते हुए राज्यपाल श्री पटेल ने बताया कि गुजरात के एकता नगर में भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान भगवान बिरसा मुंडा के सपनों को साकार करने का सशक्त प्रयास है, जिसके माध्यम से जनजातीय समुदाय को शासन की योजनाओं और सेवाओं से जोड़कर सशक्त बनाया जा रहा है।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सरकार जनजातीय समुदाय को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छता, सड़क और कनेक्टिविटी सहित विकास की सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने जनजातीय नागरिकों से शिक्षित और जागरूक बनने, स्वयं योजनाओं का लाभ लेने तथा अन्य पात्र लोगों को भी लाभ दिलाने में सहयोग करने का आह्वान किया।राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल को एक गंभीर अनुवांशिक बीमारी बताते हुए कहा कि यह जनजातीय समुदाय के विकास में बड़ी बाधा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस रोग को वर्ष 2047 तक समाप्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मिशन प्रारंभ किया गया है, जिसका शुभारंभ वर्ष 2023 में शहडोल जिले से हुआ। उन्होंने विवाह पूर्व सिकल सेल जांच की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
नवनिर्मित पंचायत भवन का अवलोकन
राज्यपाल श्री पटेल ने ग्राम मोगराखेड़ा में नवनिर्मित पंचायत भवन का अवलोकन किया और सभाकक्ष में महिला पंचों के साथ गांव की विकास गतिविधियों पर चर्चा की। उन्हें बताया गया कि यह पंचायत पूर्णतः महिला प्रतिनिधित्व वाली है, जहां सरपंच सहित सभी पंच महिलाएं हैं और सभी निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। राज्यपाल ने इसे महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की