मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई और समाज सेवा व वीरता के लिए विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया।

महिला सशक्तिकरण के लिए आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने 1.27 करोड़ महिलाओं के खातों में लगभग 1552.73 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। साथ ही, 26 लाख महिलाओं को गैस रीफिलिंग के लिए 55.95 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। यह पहल महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और घरेलू जीवन को सहारा देने के उद्देश्य से की गई।
महिला पुरस्कार और सम्मान
कार्यक्रम में समाज सेवा, वीरता और उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को निम्नलिखित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया:
- राष्ट्रमाता पद्मावती पुरस्कार (2023)
- राजमाता विजयाराजे सिंधिया समाज सेवा पुरस्कार (2023-24)
- रानी अवंति बाई वीरता पुरस्कार (2024)
- श्री विष्णु कुमार महिला एवं बाल कल्याण समाज सेवा सम्मान (2024)
महिला सुरक्षा और कठोर कानूनों की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर कठोर कानूनी प्रावधानों की घोषणा की:
- दुराचार के मामलों में फांसी की सजा – मासूम बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों में सरकार अत्यंत कठोर रवैया अपनाएगी। इसके तहत दोषियों को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है।
- धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम में बदलाव – जबरन धर्मांतरण कराने वालों को भी फांसी की सजा देने का प्रावधान किया जाएगा। इस कानून से प्रदेश में धर्मांतरण की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।
सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में न तो दुराचार को स्थान मिलेगा और न ही जबरन धर्मांतरण को। जो लोग इन घृणित कृत्यों में संलिप्त होंगे, उनके खिलाफ सरकार कठोरतम कार्रवाई करेगी।इस कार्यक्रम में हितग्राही महिलाओं ने अपने अनुभव भी साझा किए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएँ महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने में सहायक हो रही हैं।