यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने नाटो सदस्यता की आवश्यकता को लेकर गंभीरता से बयान दिया है, यह बताते हुए कि यदि यूक्रेन नाटो में शामिल नहीं होता, तो उसे अपने देश के भीतर एक अलग “नाटो” बनाना होगा। ज़ेलेंस्की ने इसे एक किफायती उपाय बताया है जो युद्ध को रोकने में मदद करेगा। उनका बयान रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन साल पूरे होने पर आया है, और उन्होंने नाटो में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति पद से इस्तीफे की भी पेशकश की है।ज़ेलेंस्की ने अपने बयान में संकेत दिया है कि यदि नाटो में सदस्यता नहीं मिलती, तो यूक्रेन को एक मजबूत सेना विकसित करनी होगी, अपने हथियारों का उत्पादन करना होगा और साझेदार देशों के साथ सहयोग बढ़ाना होगा। इस संदर्भ में, ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने की भी इच्छा व्यक्त की है, संभवतः उनकी आलोचना का जवाब देने के लिए। उन्होंने नाटो को यूक्रेन के लिए एक तार्किक और आवश्यक समाधान बताया है।