बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार लगातार भारत के खिलाफ अभियान चलाए हुए थी। इसमें यूनुस के करीबी नेता न सिर्फ भारत के खिलाफ जहर उगल रहे थे, बल्कि उनकी सरकार पाकिस्तान के साथ जीने-मरने की कसमें खाने लगी थी। खुद यूनुस ने पाकिस्तान जाने का न्योता कबूल किया था।” ढाका का यह संदेश भारतीय क्षेत्र में सीमा पर भारत की बाड़ लगाने की परियोजना पर आपत्ति जताने के बाद आया है। 12 जनवरी को बांग्लादेश ने इस मुद्दे पर भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब कर सीमा पर बाड़ लगाने की परियोजना पर विरोध जताया था। तब बांग्लादेश ने इसे दोनों देशों के बीच सहयोग की भावना को कमजोर करने वाला बताया था।

दोनों देशों के बीच 4,096 किलोमीटर की सीमा में से लगभग 800 किलोमीटर पर बाड़ नहीं है। पिछले साल अगस्त में नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का प्रमुख बनने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास आ गई थी।