पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर हवाई हमले के बाद भारत पहला देश था जिसने पाकिस्तान के इस कायराना हरकत की खुलकर आलोचना की और तालिबानी सरकार के रुख का समर्थन किया। भारत के इस बयान के बाद पाकिस्तान जहां भड़का हुआ है, वहीं चीन और अमेरिका के भी कान खड़े हो गए हैं। अफगानिस्तान के खोश्त प्रांत में हुए इस हमले में 50 लोग मारे गए थे। इस बयान के बाद भारतीय विदेश सचिव ने पहली बार दुबई में तालिबानी विदेश मंत्री मावलावी अमीर खान मुत्ताकी से मुलाकात की थी। अफगानिस्तान को पाकिस्तानी आतंकियों और डीप स्टेट का गढ़ फिर से नहीं बनने देंगे। भारत को इसको लेकर ही तालिबानी सरकार से सबसे ज्यादा चिंता थी। करीब 3 साल के शासन के दौरान तालिबान ने अपने इस वादे को काफी हद तक निभाया है।