पुतिन की सरकार ने नाटो के कई देशों को धमकी दी है जिनकी सीमा रूस से लगती है। नाटो देशों पर मंडराते खतरे के बीच अमेरिका ने अपने सबसे खतरनाक परमाणु बम B61-12 को यूरोप में तैनात किया है। इस बम को फाइटर जेट की मदद से हवा के रास्ते दुश्मन के ठिकाने पर गिराया जा सकता है। रूस ने हाल ही में इस परमाणु बम को अपग्रेड किया है। अमेरिका ने इस तैनाती की एक तरह से पुष्टि भी कर दी है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका के इस कदम के पीछे चीन भी बड़ी वजह है अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई थी कि यूरोप में मौजूद नाटो के ठिकानों को अपग्रेड किए गए B61-12 परमाणु बम दिए गए हैं या नहीं। यह B61-12 परमाणु बम इससे पहले बनाए गए B61 थर्मोन्यूक्लियर ग्रेवेटी बम का अपग्रेड वर्जन है। यह परमाणु बम साल 1968 से ही अमेरिका के एटमी जखीरे में मौजूद है।