नई दिल्ली: दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सियासी खींचतान देखने को मिल रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच टकराव की स्थितियां बनती नजर आ रही हैं। दरअसल दिल्ली कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को अब AAP में अपना भविष्य दिखने लगा है और वह तेजी से कांग्रेस को अलविदा कहने लगे हैं। कांग्रेस को एक बाद एक झटका लगने का सिलसिला जारी है।कांग्रेस नेता और सीलमपुर से पांच बार विधायक रहे मतीन अहमद भी बीते 10 नवंबर को AAP में शामिल हो गए थे। इससे कुछ दिन पहले ही उनके बेटे और बहू भी आप में शामिल हुए थे। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस की दिल्ली इकाई के वरिष्ठ नेता अहमद के पार्टी में शामिल होने की औपचारिक घोषणा की थी।

मतीन अहमद के बाद शुक्रवार को कांग्रेस नेता और सीमापुरी से तीन बार के विधायक वीर सिंह धींगान भी AAP में शामिल हो गए हैं। खुद पार्टी के राष्ट्रीय संजोयक अरविंद केजरीवाल ने उनका स्वागत किया है। उधर AAP की चुनावी सक्रियता को देखकर कांग्रेस काफी खफा है। दो दिन पहले कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने एक इंटरव्यू में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि केजरीवाल ‘गठबंधन धर्म’ नहीं निभा रहे हैं।