ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए कथित तौर पर सीनेटर मार्को रूबियो को पसंद किया है। इसका मतलब है कि ट्रंप ने इस पद के लिए दावेदार बताए जा रहे भारतवंशी विवेक रामास्वामी को नजरअंदाज कर दिया है। विवेक रामास्वामी ने राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन प्रत्याशी बनने के लिए ट्रंप को चुनौती दी थी। हालांकि, रेस से बाहर होने के बाद वह ट्रंप के कट्टर समर्थक के रूप में सामने आए थे। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर विदेश मंत्री पद के लिए विवेक रामास्वामी की जगह मार्को रूबियो के नाम पर विचार कर रहे हैं। यह फैसला ट्रंप 2.0 के लिए कई हाई प्रोफाइल नियुक्तियों के बाद आया है। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, वॉइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ और ईपीए जैसे पद शामिल हैं।

अगर उन्हें विदेश मंत्री बनाया जाता है तो शीर्ष राजनयिक का पद संभालने वाले पहले लैटिन अमेरिकी होंगे। रूबियो 2011 से सीनेटर हैं और वर्तमान में खुफिया मामलों पर सीनेट की चयन समिति के उपाध्यक्ष हैं। वे 2024 के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप का रनिंग मेट (उपराष्ट्रपति उम्मीदवार) बनने की रेस में था।