पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान के विवाह समारोह की शुरुआत महाशिवरात्रि के दिन हुई, जो पारिवारिक और धार्मिक रस्मों के साथ मनाई गई। चौहान परिवार ने भगवान शिव और माता पार्वती के आशीर्वाद से इस आयोजन की विधिवत शुरुआत की।समारोह की शुरुआत सलकनपुर स्थित मां विंध्यवासिनी बिजासन देवी धाम में पूजन से हुई, जहां परिवार ने देवी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद, कार्तिकेय और उनके परिवार ने अपने गृह ग्राम जैत में पारिवारिक परंपराओं का पालन करते हुए माता पूजन, कुल देवता पूजन, नर्मदा पूजन और हरदौल पूजन किया।सनातन संस्कृति में इस तरह के धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है, जिसमें सभी शुभ कार्यों से पहले देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। कार्तिकेय ने श्रद्धा और भक्ति के साथ इष्टदेव हनुमान जी, ग्राम देवी, कुल देवी और अन्य देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त, खेड़ापति माता मंदिर में भी पूजन किया गया, जिसमें हरदौल महाराज को विवाह समारोह में आमंत्रित किया गया।यह विवाह समारोह भारतीय संस्कृति और परंपराओं का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिसमें धार्मिक आस्था और पारिवारिक बंधनों को विशेष महत्व दिया गया है।