प्रधानमंत्री ने मशहूर लोकगायिका शारदा सिन्हा को भी श्रद्धांजलि दी और संगीत के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान, खासकर छठ महापर्व की उनकी रचनाओं की सराहना की। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार के साथ-साथ पूरा भारत प्रमुख विकास लक्ष्यों की प्रगति का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि पहले योजनाएं और परियोजनाएं सिर्फ कागजों पर ही सीमित रहती थीं, लेकिन आज उन्हें सफलतापूर्वक वास्तविक रूप से लागू किया जा रहा है।मोदी ने कहा, हम विकसित भारत की ओर दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी वर्तमान पीढ़ी भाग्यशाली है कि उसे विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में योगदान देने के साथ-साथ इस अवसर का साक्षी बनने का भी मौका मिला है।प्रधानमंत्री ने मातृभाषा में उच्च शिक्षा दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह कर्पूरी ठाकुर के सपनों के प्रति उनकी सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में 1 लाख नई मेडिकल सीटें बढ़ाई गई हैं और अगले 5 वर्षों में 75,000 और सीटें बढ़ाने का प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में चिकित्सा की पढ़ाई का विकल्प भी बनाया गया है।

मोदी ने कहा, हमने देश में 1.5 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए हैं, जिससे बीमारियों का जल्द पता लगाने में मदद मिलेगी। आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 4 करोड़ से अधिक मरीजों का इलाज किया गया है और अगर यह योजना नहीं होती तो कई बीमार लोग अस्पताल में भर्ती होने से भी वंचित रह जाते। करोड़ों परिवारों ने करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये बचाए हैं। इस योजना के तहत मरीजों का सरकारी और निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज किया गया है।उन्होंने कहा कि सभी लाभार्थियों के पास जल्द ही आयुष्मान वय वंदना कार्ड होगा। उन्होंने जन औषधि केंद्रों का भी जिक्र किया जो बेहद कम कीमत पर दवाइयां उपलब्ध कराते हैं।