Mohan Yadav ने कहा कि भगवान Mahakaleshwar और Krishna की विशेष कृपा से आज Ujjain और पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम है। खेलों से अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को उज्जैन स्थित स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेड़ा स्टेडियम में 48.71 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक हॉकी टर्फ और पवेलियन दर्शक दीर्घा के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया तथा कार्यक्रम को संबोधित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। विभिन्न जिलों में नए स्टेडियम, खेल परिसर और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि इस निर्माण कार्य से उज्जैन धीरे-धीरे खेलों का हब बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा और यहां से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे।मुख्यमंत्री ने बताया कि नानाखेड़ा स्टेडियम परिसर को देखकर विदेशों के सर्वसुविधायुक्त स्टेडियमों की याद आती है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार यहां सिंथेटिक हॉकी टर्फ की आवश्यकता थी, जो अब जल्द पूरी होने जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले Commonwealth Games में इस स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच आयोजित कराने का प्रयास किया जाएगा।इस परियोजना के अंतर्गत हॉकी पवेलियन, एथलेटिक्स पवेलियन और हॉकी फील्ड के निर्माण के साथ-साथ नानाखेड़ा स्टेडियम परिसर में सड़क निर्माण, पार्किंग और कंपाउंड वॉल जैसे कार्य भी किए जाएंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन को लगातार खेल मैदानों की सौगात मिल रही है। खेल मैदान के लिए 8.71 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 7.22 करोड़ रुपये की लागत से एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक, लॉन टेनिस सिंथेटिक मैदान और ग्रास फुटबॉल मैदान बनाए गए हैं। वहीं 11.43 करोड़ रुपये की लागत से स्व. राजमाता सिंधिया बहुउद्देशीय खेल परिसर का निर्माण किया गया है, जिसमें आधुनिक शूटिंग रेंज, बैडमिंटन हॉल, मल्लखंभ और जिम्नेजियम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां स्थापित की गई हैं। इसका परिणाम यह है कि पहले जहां मध्यप्रदेश के खिलाड़ी एशियन और ओलंपिक खेलों में केवल भाग लेते थे, वहीं अब वे पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हासामपुरा में भी नया स्टेडियम बनाया जाएगा और वहां तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिससे गांव-गांव के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। साथ ही नजरअली कंपाउंड में बने स्विमिंग पूल के रख-रखाव की जिम्मेदारी खेल विभाग को सौंपी जाएगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को नए सिंथेटिक टर्फ की बधाई दी और रंगपंचमी पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।कार्यक्रम में Anil Firojiya ने कहा कि नानाखेड़ा स्टेडियम खेल परिसर में यह नई सौगात शहरवासियों के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा शुरू किए गए Khelo India कार्यक्रम से छोटे शहरों, कस्बों और गांवों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिला है।वहीं Balyogi Umeshnath ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से यह परियोजना शुरू हो रही है, जो हॉकी खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि है और इससे प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।