
अमेरिका को हथियार निर्माण के क्षेत्र में हाल के वर्षों में फ्रांस से कड़ी चुनौती मिल रही है। विशेष रूप से फ्रांस का राफेल लड़ाकू विमान अब अमेरिकी F-35 का सशक्त विकल्प बनकर उभरा है। लड़ाकू विमानों के बाजार में टक्कर देने के बाद फ्रांस ने अब एयर डिफेंस सिस्टम में भी अमेरिका को चुनौती देने की तैयारी कर ली है।फ्रांस ने इटली के साथ मिलकर विकसित किए गए SAMP/T वायु रक्षा प्रणाली को अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम (Patriot AD) के सामने पेश किया है। यह प्रणाली अमेरिका के प्रभुत्व को चुनौती देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
पश्चिमी देशों में बढ़ रही राफेल और SAMP/T की मांग
यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कई पश्चिमी देश जो F-35 ऑर्डर की समीक्षा कर रहे हैं, उन्हें फ्रांस ने राफेल लड़ाकू विमान और अब पैट्रियट के विकल्प के रूप में SAMP/T एयर डिफेंस सिस्टम की पेशकश की है। इससे अमेरिका के अरबों डॉलर के संभावित रक्षा सौदों पर असर पड़ सकता है।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की पहल
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों विदेशी ऑर्डर हासिल करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं। वे SAMP/T सिस्टम को एक पूर्ण यूरोपीय एयर डिफेंस सिस्टम और अमेरिका के पैट्रियट्स का मजबूत विकल्प बताकर प्रचारित कर रहे हैं।
मार्च में दिए एक बयान में मैक्रों ने कहा था कि “जो देश पैट्रियट खरीदने की सोच रहे हैं, उन्हें नई पीढ़ी का फ्रेंको-इटैलियन SAMP/T सिस्टम लेना चाहिए। इसी तरह जो देश F-35 खरीदने पर विचार कर रहे हैं, उन्हें राफेल विमान को अपनाना चाहिए।”फ्रांस की यह रणनीति न केवल अमेरिका के हथियार बाजार पर प्रभाव डाल सकती है बल्कि यूरोपीय रक्षा उद्योग की ताकत को भी बढ़ा सकती है।