
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को गति देने और निर्माण कार्यों का उज्जैन पहुँचकर स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाना चाहिए।बैठक में बताया गया कि विभिन्न विभागों के लगभग 11,909 करोड़ रुपये के 132 कार्यों को मंत्रि-मण्डलीय समिति की अनुशंसा मिल चुकी है। इन कार्यों के लिए लगभग 673 करोड़ रुपये की राशि जारी भी की जा चुकी है। इसमें संस्कृति, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पीपीपी मोड पर होने वाले कार्य भी शामिल हैं।
यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि
श्री विजयवर्गीय ने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार की ओर से संसाधनों की कोई कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने विभिन्न विभागों के साथ लगातार बैठक करने और बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए।रेलवे से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में ट्रेन से आने वाले यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन के समीप पर्याप्त स्नानगृह और सुलभ कॉम्पलेक्स की व्यवस्था हो। साथ ही उज्जैन से जुड़े धार्मिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।
प्रमुख परियोजनाएँ
- कान्ह नदी डायवर्सन और क्षिप्रा नदी में जल के निरंतर प्रवाह की योजना।
- घाट निर्माण और मेला क्षेत्र की मैपिंग का कार्य, जिससे आवागमन सुविधाजनक हो सके।
- उज्जैन संभाग के बस स्टैंड का उन्नयन।
- आकस्मिक सेवाएँ जैसे अग्निशमन, स्वास्थ्य, पेयजल की प्रभावी व्यवस्था।
अधिकारियों की प्रस्तुति
अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने बताया कि रेलवे व्यवस्थाओं को लेकर आकलन कर प्रस्ताव रेलवे मंत्रालय को भेजे जा रहे हैं। जिन कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है, उनके डीपीआर तैयार कर शीघ्र काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी कार्य दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरे किए जाएंगे।नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने जानकारी दी कि ऊर्जा विभाग के 329 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त इंदौर–उज्जैन मार्ग का 6 लेन चौड़ीकरण (1692 करोड़ रुपये) तथा इंदौर–उज्जैन वैकल्पिक 4 लेन मार्ग (49 किमी, 950 करोड़ रुपये) को भी मंजूरी मिल चुकी है। बैठक में संस्कृति, पर्यटन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई।