सेवा जोहार अखाड़ी खुट गोंगों पाबुन ता वला वला कंगरोई अनी बिराई मिकुम सबैय कुन जीवाताल सेवा सेवा सेवा जोहार,

दुनिया के प्रथम आदि महागुरू पहांदी पारी कुपार लिंगोगोंडी धर्मगुरू पहांदी पारी कुपार लिंगो ने आज ही के दिन यानि गुरू पूर्णिमा से 33 कोट बच्चों को गोंडी कोया पुनेम की दीक्षा देनें की शुरूआत की थी, और संयोगवश गौतम बुद्ध जी ने भी आज ही के दिन अपने शिष्यो को प्रथम दीक्षा प्रदान की थी.शैक्षिक गुरु : शैक्षिक गुरु वो गुरु होता है, जो हमेसामान्य शिक्षा प्रदान करता है। वो शिक्षा जिसे पाकर शिक्षित कहलाते हैं। जिसको प्राप्त करक हम रोजगार पाते हैं। विद्यालय में पढ़ाने वाला हमारा शैक्षिक गुरु ही है।मार्गिक गुरु : मार्गिक गुरु कोई भी हो सकता है। वोव्यक्ति जो हमारा मार्गदर्शन करे हमे अच्छाई का मार्ग दिखाये, हमें सही सुझाव दे वो मार्गिक गुरु है। हमारे माता-पिता, संबंधी, मित्र आदि हमारे मार्गिक गुरु ही हैं।

गुरु तीन प्रकार को होते हैं:

शैक्षिक गुरु,मार्गिक गुरु,दैविक गुरु

प्रवचन करने वाले संत-साधु भी मार्गिक गुरु हैं।आध्यात्मिक गुरु : दैविक गुरु वो गुर है, जो हमे परमात्मा से साक्षात्कार करना सिखाता है। जो हमे बताता है कि ज्ञान प्राप्त करने सच्चा मार्ग क्या है। जो हमें आत्म ज्ञान करता है। वो ही हमारा आध्यात्मिक गुरु है।मेरे तीनों गुरुओं को तल्ला कोटसी जीवा ताल सेवा सेवा सेवा जोहार पाटालेर मुठवा हीरासुका और कोया पुनेम मुठवा पहांदी पारी कुपार लिंगो के चरणों में जीवाताल सेवा सेवा सेवा जोहार आप सभी को शुभकामनाएं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *