मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards) में फिल्म ’12वीं फेल’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर हर्ष और गर्व व्यक्त करते हुए फिल्म से जुड़े समस्त कलाकारों, निर्माता-निर्देशक और विशेष रूप से फिल्म के प्रेरणास्रोत आईपीएस मनोज कुमार शर्मा को हार्दिक बधाई दी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म ’12वीं फेल’ केवल एक सिनेमा नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिनाइयों और असफलताओं से घबराकर अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। उन्होंने कहा, “सफलता कभी शॉर्टकट से नहीं मिलती। इसके लिए व्यक्ति को कठिन परिश्रम, संघर्ष और आत्मविश्वास की भट्टी में तपना पड़ता है। यही प्रक्रिया किसी इंसान के असली व्यक्तित्व को गढ़ती है।”डॉ. यादव ने कहा कि मुरैना जिले से आने वाले आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा का जीवन परिचय इस बात का प्रमाण है कि यदि इरादे मजबूत हों और संघर्ष से घबराने की बजाय उसे स्वीकार कर आगे बढ़ा जाए, तो कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मनोज शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए प्रकाशस्तंभ की तरह है जो जीवन की चुनौतियों में डगमगाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म '12वीं फेल' का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना न केवल मध्यप्रदेश के लिए बल्कि समस्त देशवासियों के लिए गर्व की बात है। यह सफलता इस बात की मिसाल है कि सत्य, संघर्ष और सादगी को यदि ईमानदारी से प्रस्तुत किया जाए तो वह हर दिल को छूता है।डॉ. यादव ने फिल्म के निर्देशक विदु विनोद चोपड़ा, अभिनेता विकांत मैसी, और पूरी तकनीकी टीम को भी इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस फिल्म के माध्यम से लाखों युवा अपने जीवन में सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयासों से सफलता की राह पर अग्रसर होंगे।