सोने की कीमत में रिकॉर्ड तोड़ उछाल, 3650 डॉलर प्रति ओंस पर पहुंचा भाव – निवेशकों की नजरें अगले साल पर,

सोने की कीमत में एक बार फिर भारी उछाल देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 3650 डॉलर प्रति ओंस तक पहुंच गया। यह इस साल की अब तक की सबसे बड़ी तेजी मानी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक सोने की कीमत में लगभग 40% का उछाल दर्ज किया गया है। वहीं, पिछले तीन वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो सोने के दाम में 109% तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।भारत के घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स (MCX) पर 3 अक्तूबर की डिलीवरी वाला सोना शुक्रवार को 1,07,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ। वैश्विक वित्तीय संस्था गोल्डमैन सैश के अनुसार, अगले साल तक सोने की कीमत 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है।

क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत?

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने को हमेशा से दुनिया का सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। जब भी वैश्विक स्तर पर आर्थिक या राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सोने में पूंजी लगाना पसंद करते हैं। इस समय भी कुछ प्रमुख कारण हैं जिनसे सोने की कीमत में यह तेज उछाल देखने को मिल रहा है:

  1. महंगाई में वृद्धि: कई देशों में बढ़ती महंगाई ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति की ओर रुख करने पर मजबूर किया है।
  2. अमेरिका की वित्तीय स्थिति और फेड रिजर्व नीतियां: अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अस्थिरता और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों को लेकर असमंजस ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है।
  3. डॉलर की कमजोरी: डॉलर की गिरावट के कारण सोने की मांग और कीमत दोनों में इजाफा हुआ है।
  4. भूराजनीतिक तनाव: रूस-यूक्रेन संघर्ष, मध्य पूर्व की अस्थिरता और एशिया में बदलते समीकरणों ने निवेशकों को सोने में भरोसा करने के लिए प्रेरित किया है।

सेंट्रल बैंकों की बढ़ती खरीद

भारत, तुर्की और चीन समेत दुनिया के कई देशों के सेंट्रल बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं। यह चौथा लगातार साल है जब वैश्विक सेंट्रल बैंक लगभग 1000 टन सोना खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति आने वाले समय में भी बनी रह सकती है, जिससे सोने की कीमतों में और मजबूती आएगी।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

सोने में मौजूदा तेजी ने निवेशकों को नए अवसर दिए हैं। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने में दीर्घकालिक निवेश को प्राथमिकता दी जाए और बाजार की अस्थिरता को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से निवेश किया जाए। आने वाले महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, महंगाई दर और डॉलर की स्थिति सोने के भाव को प्रभावित करेगी।

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