सनातन और इस्लाम के मूल सिद्धांतों पर तुलनात्मक व्याख्या,

अखिल विश्व सत्य सनातन संघ के अध्यक्ष श्री उदित भदोरिया द्वारा आज एक संवाददाता सम्मेलन में सनातन धर्म और इस्लाम धर्म के मूलभूत सिद्धांतों पर तुलनात्मक विचार प्रस्तुत किए गए। यह व्याख्यान एक अध्ययनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया, जिसका उद्देश्य परस्पर समझ, सौहार्द और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देना था।

श्री भदोरिया ने बताया कि:

  • सनातन धर्म एक व्यापक दर्शन है, जो एकेश्वरवाद, बहुदेववाद और पुनर्जन्म जैसे सिद्धांतों को मानता है। इसके मूल ग्रंथ वेद, उपनिषद, श्रीमद्भगवद्गीता और पुराण हैं।
  • इस्लाम धर्म सख्त एकेश्वरवाद (अल्लाह एक है) में विश्वास करता है, पुनर्जन्म की अवधारणा को नहीं मानता, और केवल कुरान को अंतिम सत्य मानता है। इस्लाम के अनुसार हज़रत मोहम्मद साहब अंतिम पैगंबर हैं।
  • इस्लाम में जन्नत और जहन्नम, जबकि सनातन में कर्मफल और पुनर्जन्म की अवधारणा है।

हालांकि कई मौलिक अंतर हैं, फिर भी दोनों धर्मों में सदाचार, दान (सनातन में दान, इस्लाम में ज़कात), अहिंसा, सत्य, परोपकार और इंसानियत को उच्च स्थान प्राप्त है।

श्री भदोरिया ने यह भी उल्लेख किया कि:

  • सनातन धर्म प्रकृति को पूजनीय मानता है, जबकि इस्लाम में यह धारणा नहीं है।
  • इस्लाम में शरीयत कानून का विशेष स्थान है, जबकि सनातन धर्म सत्य एवं ‘न आदि न अंत’ के सिद्धांत (तात) पर आधारित है।
  • ऐतिहासिक संदर्भ में उन्होंने सम्राट अकबर के शासनकाल में “अल्लोपनिषद” के लेखन का भी उल्लेख किया, जो संवाद एवं समन्वय की ऐतिहासिक मिसाल है।

अंत में उन्होंने कहा कि धार्मिक भिन्नताओं के बावजूद दोनों धर्मों का मूल उद्देश्य मानव कल्याण, न्याय और परोपकार है। इसीलिए हमें चाहिए कि हम आपसी सम्मान और सहयोग की भावना से आगे बढ़ें।

जय सनातन | विजय सनातन | सत्य सनातन | विश्व सनातन
– अखिल विश्व सत्य सनातन संघ

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