राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग के उन्मूलन के लिए शोध और अनुसंधान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा की विभिन्न पद्धतियों के माध्यम से इस रोग के समूल नाश के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। हमारे वनों में प्रचुर मात्रा में औषधीय जड़ी-बूटियाँ उपलब्ध हैं, आवश्यकता है उनके वैज्ञानिक प्रमाणीकरण और उपयोगिता को सिद्ध करने की।राज्यपाल श्री पटेल गांधी मेडिकल कॉलेज में आयोजित सिकल सेल सेंसेटाइजेशन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन गांधी मेडिकल कॉलेज की एलुमिनाई संस्था द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल भी उपस्थित रहे।राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सेल के उन्मूलन हेतु “सबका साथ, सबका प्रयास” की भावना के अनुरूप सामूहिक सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को सिकल सेल के प्रति जागरूक होना चाहिए और जागरूकता फैलाने के लिए स्वयं ‘जागरूकता दूत’ की भूमिका निभानी चाहिए।उन्होंने वर्ष 2047 तक सिकल सेल रोग के पूर्ण उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु जन-जागरूकता को सबसे प्रभावी साधन बताया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सिकल सेल के लक्षणों, उपचार के उपायों और बचाव की संभावनाओं को जानें और अपने समुदाय में भी यह जानकारी प्रसारित करें।