
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले तीन दिन हंगामे से भरे रहे, वहीं अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वंदे मातरम एवं चुनाव सुधारों पर चर्चा को लेकर सहमति बनने लगी है। इसी क्रम में हमारे संवाददाता ने भाजपा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की, जिसके मुख्य अंश इस प्रकार हैं—डॉ. शर्मा ने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है, जहां विकास और नीतिगत मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा के बजाय हंगामा कर रहा है, जबकि सरकार हर मुद्दे पर खुले विमर्श के लिए तैयार है।एसआईआर को लेकर जारी विवाद पर उन्होंने बताया कि यह सिस्टम 12 राज्यों में सफलतापूर्वक लागू है और चुनाव आयोग समयसीमा भी बढ़ा चुका है। उनके अनुसार विपक्ष चुनावी हार से घबराया हुआ है, इसलिए भ्रम फैलाकर हंगामा कर रहा है।अखिलेश यादव द्वारा एसआईआर के विरोध पर उन्होंने कहा कि बिहार सहित किसी भी राज्य में मतदाता नाम गलत तरीके से काटे जाने की शिकायत नहीं मिली।
उन्होंने दावा किया कि यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी को भारी नुकसान होगा।सत्ता में वापसी को लेकर डॉ. शर्मा ने कहा कि यूपी में हाईवे, मेट्रो, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने जनता का विश्वास मजबूत किया है, और जनता पुनः भाजपा को अवसर देगी। धार्मिक पर्यटन पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि काशी, अयोध्या, चित्रकूट और सारनाथ के विकास से पूरे प्रदेश को समान रूप से रोजगार और आर्थिक लाभ मिला है।जेवर एयरपोर्ट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इसके शुरू होने से पश्चिमी यूपी सहित पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक चौथाई हिस्सा केवल इस प्रोजेक्ट से आने की उम्मीद है।