अमेरिका ने अपने युद्धपोतों और पनडुब्बियों का बड़ा बेड़ा वेनेजुएला के तटीय जलक्षेत्र में तैनात करना शुरू कर दिया है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उठाया गया है। अमेरिका मादुरो को ‘नार्को टेरेरिस्ट’ कहता है और उन पर 2020 में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में मामला दर्ज है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के बीच तनाव ट्रंप के पहले कार्यकाल से चला आ रहा है और उनके दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद यह बढ़ गया है। वाइट हाउस ने मादुरो पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग व्यापार में शामिल होने का आरोप लगाया है और कहा है कि उनका शासन वेनेजुएला की वैध सरकार नहीं है, बल्कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाला गिरोह है। वाइट हाउस प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिका ड्रग्स पर रोक लगाने और जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए सभी कदम उठाएगा।

अभी तक मादुरो के खिलाफ अमेरिकी योजना स्पष्ट नहीं है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में नौसैनिक गतिविधियों का उद्देश्य ड्रग तस्करी से जुड़े खतरों को कम करना है।अमेरिका में नशीले पदार्थों की बढ़ती तस्करी को देखते हुए वेनेजुएला के प्रति नाराजगी बढ़ी है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि मादुरो सरकार इस समस्या के लिए जिम्मेदार है।द वॉर जोन की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले हफ्ते कम से कम तीन आर्ले बर्क श्रेणी के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक जहाज, एक पनडुब्बी और अन्य सैन्य उपकरणों को वेनेजुएला की ओर बढ़ने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, तीन जहाजों से बने एक एम्फीबियस रेडी ग्रुप में सवार 4,000 मरीन भी इस क्षेत्र में तैनात किए जा रहे हैं।इस कदम से वेनेजुएला के तटीय क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक शक्ति का एक बड़ा और शक्तिशाली बेड़ा तैनात हो जाएगाइस तैनाती से वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी इसका असर पड़ सकता है।