विधानसभा के विशेष सत्र से अतीत की गौरवशाली परंपराएं जीवंत,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विधानसभा के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष सत्र के माध्यम से प्रदेश की गौरवशाली संसदीय लोकतांत्रिक परंपराओं की स्मृतियां पुनः जीवंत हो रही हैं। यह विशेष सत्र न केवल वर्ष 1956 से अब तक की विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा का पुनरावलोकन करने का अवसर है, बल्कि विकसित भारत@2047 और विकसित मध्यप्रदेश के साझा संकल्प को साकार करने की भविष्य की दिशा तय करने का भी महत्वपूर्ण मंच है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश विधानसभा के 70 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक दिवसीय विशेष सत्र के अवसर पर विधानसभा परिसर में लगाई गई एक दिवसीय प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में विधानसभा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। पक्ष और विपक्ष के सार्थक संवाद, विमर्श और सहयोग से ही प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था निरंतर सुदृढ़ हुई है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक विशेष सत्र के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष तथा विधानसभा के सभी सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह विशेष सत्र प्रदेश की लोकतांत्रिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को उससे जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।इससे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के विधानसभा आगमन पर उनकी अगवानी की और उनका आत्मीय स्वागत किया।विधानसभा परिसर में आयोजित प्रदर्शनी का शुभारंभ राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंगर ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर मंत्रिगण, वरिष्ठ विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।प्रदर्शनी में “मध्यप्रदेश विधानसभा के 1956 से 2025 तक इतिहास के पल” तथा “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभ्युदय मध्यप्रदेश – विकास और सेवा के दो वर्ष” विषय पर आधारित दुर्लभ और ऐतिहासिक चित्रों को प्रदर्शित किया गया है। इन चित्रों के माध्यम से विधानसभा की सात दशकों की संसदीय यात्रा, महत्वपूर्ण विधायी क्षणों, ऐतिहासिक सत्रों और लोकतांत्रिक परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रदर्शनी प्रदेश की लोकतांत्रिक चेतना और विधायी इतिहास का सशक्त दस्तावेज है। इससे नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं को विधानसभा की भूमिका, उसकी परंपराओं और लोकतंत्र के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को समझने का अवसर मिलेगा।प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों, सामाजिक उत्थान, आर्थिक प्रगति और सुशासन के प्रयासों को भी प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “अभ्युदय मध्यप्रदेश” की अवधारणा के अंतर्गत विकास और सेवा को केंद्र में रखकर शासन की प्राथमिकताओं को प्रदर्शित किया गया है, जो आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में सरकार के संकल्प को दर्शाता है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विशेष विधानसभा सत्र विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को समर्पित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विधानसभा की गौरवशाली परंपराओं से प्रेरणा लेकर सभी जनप्रतिनिधि प्रदेश और देश के विकास के लिए मिलकर कार्य करेंगे तथा विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *