
मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (एमपी ट्रांसको) को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार प्रदेश की सुदृढ़ ट्रांसमिशन प्रणाली, तकनीकी दक्षता और निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रमाण है।ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर एमपी ट्रांसको के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश सरकार की दूरदर्शी ऊर्जा नीति और ट्रांसमिशन व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए गए सतत प्रयासों का प्रतिफल है।मंत्री श्री तोमर ने कहा कि न्यूनतम ट्रांसमिशन लॉस के साथ निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दिशा में एमपी ट्रांसको ने तकनीकी नवाचार, बेहतर रखरखाव और कुशल प्रबंधन के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति की है।
एमपी ट्रांसको की ओर से प्राप्त किया गया सम्मान
भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय से मान्यता प्राप्त इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर एमपी ट्रांसको की ओर से कार्यपालन अभियंता श्री लोकेश द्विवेदी ने यह सम्मान ग्रहण किया। यह पुरस्कार न केवल संस्था के लिए गर्व का विषय है, बल्कि प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती विश्वसनीयता और क्षमता को भी दर्शाता है।
मूल्यांकन का आधार
इस अवॉर्ड के लिए विभिन्न विद्युत ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ का चयन केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए), पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) के उपलब्ध डेटा तथा राज्य विद्युत कंपनियों की आधिकारिक रिपोर्टों के आधार पर किया गया।
पुरस्कार की श्रेणियों में प्रमुख रूप से—
- ट्रांसमिशन लाइन की लंबाई में वृद्धि
- ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता में विस्तार
- वित्तीय प्रदर्शन में सुधार
- और सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस
जैसे महत्वपूर्ण मानकों को शामिल किया गया था। इन सभी मापदंडों पर एमपी ट्रांसको का प्रदर्शन उत्कृष्ट पाया गया।
ट्रांसटेक इंडिया–2025 में मिला सम्मान
यह सम्मान नई दिल्ली स्थित यशोभूमि इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, द्वारका में आयोजित ‘ट्रांसटेक इंडिया–2025’ कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदान किया गया। यह कॉन्फ्रेंस विद्युत मंत्रालय से मान्यता प्राप्त एक प्रमुख राष्ट्रीय मंच है, जहां देशभर के नीति निर्माता, रेगुलेटरी संस्थाएं, डेवलपर्स, मैन्युफैक्चरर्स और ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स सहभागिता करते हैं।इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर से 2500 से अधिक ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे इस पुरस्कार का महत्व और भी बढ़ जाता है।एमपी ट्रांसको को प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। यह उपलब्धि भविष्य में प्रदेश की ऊर्जा संरचना को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में प्रेरणा का कार्य करेगी।