
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विकास और पर्यावरण संतुलन एक साथ आवश्यक हैं। सुखद, समृद्ध और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में सभी की सहभागिता ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण न केवल हरियाली बढ़ाता है, बल्कि व्यक्ति को जीवन और प्रकृति के बीच आत्मीय संबंध की गहरी अनुभूति कराता है।श्री शुक्ल ने मीडिया समूह के “एक पेड़, एक ज़िंदगी” अभियान की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह जनचेतना अभियान प्रदेश में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
तुलसी बीज वितरण पहल की सराहना
उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मीडिया समूह द्वारा जनसामान्य को तुलसी के बीज वितरित कर आयुर्वेदिक परंपरा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के संबंध को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने इसे न केवल सराहनीय बल्कि प्रेरणादायक नवाचार बताया।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की भूमिका
श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली भूमिका निभाई है। मध्यप्रदेश में “जल-गंगा संवर्धन अभियान” और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसे अभियानों से जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति वृक्षारोपण को अपनी भावनाओं और स्मृतियों से जोड़ता है, तो उनका संरक्षण स्वाभाविक रूप से होता है।
पर्यावरण और विकास एक-दूसरे के पूरक
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण और विकास विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। जितना आवश्यक अधोसंरचना, शिक्षा और चिकित्सा का विकास है, उतना ही जरूरी स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली का संरक्षण भी है।
नागरिकों से अपील
श्री शुक्ल ने नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों से जुड़ें तथा अपने आसपास हरियाली बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।