मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल आज राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर नमन किया और उनके जीवन-आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।राजभवन के बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव सहित राजभवन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री जी की जयंती पर उनके योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धा अर्पित की।कार्यक्रम में राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी सत्य, अहिंसा और करुणा के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने सत्य और नैतिकता के मार्ग पर चलकर न केवल भारत की आज़ादी का नेतृत्व किया, बल्कि पूरी दुनिया को शांति और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाया। गांधीजी का जीवन दर्शन आज भी हमें प्रेरित करता है कि हम समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी सद्भाव बनाए रखें।राज्यपाल ने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी, ईमानदारी और देशभक्ति का अनुपम उदाहरण है। “जय जवान, जय किसान” का उनका दिया गया नारा आज भी भारत की आत्मा को अभिव्यक्त करता है। शास्त्री जी ने अपने अल्पकालीन कार्यकाल में देश को नई दिशा दी और आमजन के विश्वास को मजबूत किया।उन्होंने कहा कि इन दोनों महापुरुषों की जयंती हमें न केवल उनके आदर्शों को स्मरण करने का अवसर देती है, बल्कि उनके द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलने की प्रेरणा भी देती है। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि सादगी, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलकर भी महान परिवर्तन संभव है।

राज्यपाल श्री पटेल ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता से करें, ताकि समाज और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का स्मरण तभी सार्थक है जब हम उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाएं।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।