राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टॉफ़ परफॉर्मेंस (क्रिस्प) प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की रोजगार मांग का आकलन करे और उसी के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रम तैयार करे। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं के हिसाब से स्थानीय विद्यार्थियों का प्रशिक्षण हो, ताकि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकें और पलायन कम हो।राज्यपाल श्री पटेल कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित क्रिस्प के 29वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने क्रिस्प परिवार और सभी उपस्थितजनों को स्थापना दिवस की बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्थापना दिवस पर बधाई संदेश का वीडियो प्रदर्शित किया गया। उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार भी मंच पर उपस्थित थे।कार्यक्रम में राज्यपाल श्री पटेल ने सक्षम योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त महिला प्रशिक्षार्थियों और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत प्रशिक्षणार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता एवं मेहनत की सराहना की।

अपने उद्बोधन में राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि क्रिस्प द्वारा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि क्रिस्प भविष्य में भी प्रदेश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कौशल विकास प्रशिक्षण का लाभ लेकर अपने करियर को मजबूत बनाएं और समाज तथा राष्ट्र के विकास में भागीदार बनें।