मंगुभाई पटेल से रविवार को लोकभवन में केरल के विभिन्न स्थानीय निकायों के पार्षदों और जनप्रतिनिधियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी का आत्मीय स्वागत करते हुए उनका परिचय प्राप्त किया और उनके क्षेत्रों में हो रहे राजनीतिक एवं प्रशासनिक नवाचारों के बारे में जानकारी ली। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित रहे।राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश भ्रमण पर आए केरल के जनप्रतिनिधियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ-सबका विकास” के मंत्र को अपनाते हुए समाज और राष्ट्र की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचार और विकास कार्य देशभर के लिए प्रेरणादायक हैं। यहां के अनुभवों को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू कर जनकल्याणकारी योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।राज्यपाल ने कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का आह्वान किया, ताकि स्थानीय शासन को अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों की सेवा ही सच्चे जनप्रतिनिधित्व का आधार है और सभी को इस संकल्प के साथ कार्य करना चाहिए।इस अवसर पर केरल से आए जनप्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश भ्रमण के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने भोपाल की स्वच्छता व्यवस्था की विशेष सराहना करते हुए इसे देश की स्वच्छतम राजधानी बताया। उन्होंने शहर के सफाई प्रबंधन, कचरा निस्तारण, जल प्रबंधन और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की भी प्रशंसा की। साथ ही सौर ऊर्जा और अन्य विकासात्मक पहलों को भी सराहनीय बताया।जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मध्यप्रदेश के विभिन्न विकास मॉडल और नवाचारों से उन्हें काफी सीखने का अवसर मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से प्राप्त अनुभवों को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू कर स्थानीय स्तर पर बेहतर शासन और जनसेवा को बढ़ावा दिया जा सकेगा।शिष्टाचार भेंट कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी, मध्यप्रदेश में निवासरत मलयाली समाज के प्रतिनिधि और अन्य अतिथि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग की भावना को बल मिला।