राजधानी भोपाल को मिलेगा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक वैभव: प्रमुख मार्गों पर बनेंगे गौरवशाली द्वार – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजधानी भोपाल में प्रदेश के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक गौरव को समाहित करने के उद्देश्य से शहर के प्रमुख मार्गों पर भव्य द्वारों का निर्माण किया जा रहा है। ये द्वार भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, सम्राट विक्रमादित्य और राजाभोज को समर्पित होंगे। इससे न केवल राजधानी की पहचान सशक्त होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति, इतिहास और मूल्यों से जोड़ने का कार्य भी होगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्री अयोध्या धाम में पुनर्निमित भव्य श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के विराजमान की द्वितीय वर्षगांठ (तिथि अनुसार) के अवसर पर मालवीय नगर स्थित युवा सदन के पास निर्मित श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति के समक्ष आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति को नमन किया तथा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक श्री रामेश्वर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संत समुदाय एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता रही।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनरुत्थान का एक ऐतिहासिक पर्व चल रहा है। काशी, अयोध्या, उज्जैन जैसे पवित्र तीर्थों का पुनर्विकास हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण है। इन प्रयासों से भारत की सनातन संस्कृति वैश्विक मंच पर नई पहचान प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर सदियों की आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है, जिसने पूरे देश को भावनात्मक रूप से एक सूत्र में बांध दिया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी सांस्कृतिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में गीता जयंती के अवसर पर बड़े पैमाने पर श्रीमद्भगवतगीता पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। गीता के शाश्वत संदेश—कर्म, कर्तव्य और जीवन मूल्यों—को समाज में आत्मसात कराने के लिए सभी जिलों में गीता भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। ये गीता भवन आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, सम्राट विक्रमादित्य और राजाभोज जैसे महान व्यक्तित्व भारतीय संस्कृति के स्तंभ हैं। इनके नाम पर बनने वाले द्वार राजधानी भोपाल को न केवल सौंदर्यात्मक रूप से समृद्ध करेंगे, बल्कि हमारी गौरवशाली परंपरा और इतिहास की सशक्त झलक भी प्रस्तुत करेंगे। ये द्वार आने-जाने वाले प्रत्येक नागरिक और पर्यटक को यह स्मरण कराएंगे कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति, धर्म और इतिहास में बसती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार विकास के साथ विरासत को संजोने की नीति पर कार्य कर रही है। आधुनिक अधोसंरचना के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण ही संतुलित और समरस समाज की आधारशिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजधानी में प्रस्तावित ये द्वार भोपाल की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।कार्यक्रम के दौरान संत समुदाय ने श्रीराम भक्ति और सांस्कृतिक एकता पर अपने विचार व्यक्त किए। स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने वाला कदम बताया। कार्यक्रम का समापन दीप प्रज्वलन और सामूहिक रामभक्ति के वातावरण के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *