विजय काटकर

भोपाल में आयोजित जनजातीय देव लोक महोत्सव में मुख्यमंत्री ने भगोरिया उत्सव को राजकीय स्तर पर मनाने की घोषणा की, जिसमें प्रदेश भर से आए जनजातीय प्रतिनिधियों का स्वागत पुष्प वर्षा के साथ किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और जनजातीय देव आराधना से किया गया। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री कुँवर विजय शाह, केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, मंत्री संपतिया उइके, और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। समारोह के दौरान मांदल, ढोल, मंझीर और झांझ की ताल से सीएम हाउस गूंज उठा, जो जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है।भगोरिया उत्सव के साथ अन्य जनजातीय उत्सवों को भी राजकीय स्तर पर मनाने का यह निर्णय प्रदेश की विविधता और समृद्ध संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं, जो विशेष रूप से किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए फायदेमंद होंगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा जल उन क्षेत्रों में जल्दी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा जहां यह अभी तक नहीं पहुंचा है। इसके साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि अगले तीन वर्षों में सभी किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जाएंगे, और अगर किसान अतिरिक्त बिजली उत्पन्न करते हैं, तो सरकार उन्हें बिजली खरीदने का प्रस्ताव देगी।मुख्यमंत्री ने सरकारी बसों के माध्यम से सुचारू यातायात की व्यवस्था का भी आश्वासन दिया। इसके अलावा, जनजातीय कलाकारों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई, जिसमें हर कलाकार को 5000 रुपये की राशि दी जाएगी, जिससे लगभग 931 कलाकारों को कुल 46 लाख 55 हजार रुपये मिलेंगे। जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए ग्रामसभा के मान से प्रत्येक व्यक्ति के खाते में 3000 रुपये डाले जाएंगे।सीएम ने टंट्या मामा जैसे वीर नायकों को आदर्श मानते हुए उनके नाम पर खरगोन में एक विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में जो लोग छूट गए हैं, उन्हें जल्द आवास मुहैया कराया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न आदिवासी समुदायों के लोग शामिल हुए, जैसे पटेल, पुजारा, तडवी, भगत, भूमक, पंडा और धर्माचार्य।यह सभी घोषणाएँ किसानों और आदिवासी समुदाय के विकास और उनके अधिकारों को बढ़ाने के लिए की गई हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगोरिया पर्व को राजकीय पर्व घोषित करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि अलीराजपुर, झाबुआ और बड़वानी में होली पर मनाए जाने वाले भगोरिया उत्सव को राजकीय स्तर पर मनाया जाएगा, जिसमें मंत्री भी शामिल होंगे। इसके अलावा, उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले चुनावों में जनप्रतिनिधियों के चयन में जनता की राय को महत्व दिया जाएगा। पेसा एक्ट के जरिए छोटे स्थानों पर भी लोगों को शक्ति देने का वादा किया गया, साथ ही देवी-देवताओं के स्थानों के विकास की दिशा में प्रयास करने की बात कही गई।