राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास की दिशा में योजनाबद्ध और सतत प्रयास कर रही है। “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” और “बेटी बढ़ाओ” जैसे अभियानों ने न केवल बालिकाओं को सुरक्षा और सम्मान का अधिकार दिलाया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है।राज्यपाल श्री पटेल रविवार को नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत देवरीकलां में आयोजित हितग्राही जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर रोजगार स्थापित कर रही हैं और प्रति माह 15 से 17 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आज महिलाएं पुरुषों से भी अधिक परिश्रम कर रही हैं और परिवार व समाज में जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना जैसी योजनाएं प्रदेश में महिला आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला बनी हैं। इन योजनाओं के माध्यम से लाखों बहनों को आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास मिला है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और विद्यालयों के वार्षिक परीक्षा परिणामों में लगातार बेहतर प्रदर्शन देखा जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों नागरिक गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

विकसित और स्वस्थ भारत की दिशा में अग्रसर
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनेगा। इस दिशा में सरकार विकसित भारत के साथ स्वस्थ भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने बताया कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत नागरिकों को 5 लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। अब तक लाखों नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिला है।राज्यपाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान के तहत मरीजों को पोषण आहार किट और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया की बीमारी को समाप्त करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले-दर-जिले जांच अभियान चलाकर सिकल सेल पीड़ितों की पहचान की जा रही है, ताकि उनका सफल उपचार किया जा सके।उन्होंने बताया कि सिकल सेल पीड़ितों को आयुर्वेदिक दवाएं दी जा रही हैं और उनके डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि उनका सतत चिकित्सा रिकॉर्ड सुरक्षित रहे।
कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि राज्य सरकार जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में भी जनभागीदारी को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाई जा रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि अपने बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ ले जाकर यह दवा अवश्य पिलाएं, ताकि देश को पोलियोमुक्त बनाए रखने के प्रयास सफल हो सकें।मंत्री श्री पटेल ने बताया कि सिकल सेल बीमारी को प्रदेश से समाप्त करने के लिए विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत पीड़ित मरीजों की पहचान, उपचार और परिवारों की सहायता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि बालिका दिवस समाज में बेटियों के महत्व और उनके अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। यह दिन सभी के लिए बेटियों के संरक्षण, शिक्षा और समान अवसरों के संकल्प को दोहराने का अवसर है।