
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) द्वारा वितरित की जाने वाली दवा की मात्रा निर्धारित रूट चार्ट और रोगियों की चिकित्सा आवश्यकता के अनुसार होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा वितरण ऐसा किया जाए कि यूनिट के दोबारा आगमन तक रोगी के पास आवश्यक दवा की उपलब्धता बनी रहे। यह व्यवस्था न केवल मरीजों की चिकित्सा सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रभावशीलता को भी बढ़ाएगी।राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित जनजातीय प्रकोष्ठ की पीएम जनमन योजना की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, विभागीय अधिकारी तथा अन्य सदस्य उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जन जातीय आबादी, विशेषकर पी.व्ही.टी.जी. समुदाय तक बुनियादी सेवाएँ प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था।राज्यपाल ने कहा कि मोबाइल मेडिकल यूनिटें जनजातीय समुदायों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनकी कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और दक्षता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- रोगी की बीमारी, आवश्यक दवाहारी और यूनिट के दोबारा आने की अवधि की गणना के आधार पर दवा दी जाए।
- दवा की कमी न हो, इसके लिए अग्रिम स्टॉक एवं रूट प्लानिंग सुदृढ़ की जाए।
- मेडिकल यूनिट और ग्राम स्तर के स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच समन्वय बढ़ाया जाए।
बैठक में बताया गया कि जनमन योजना अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिटों द्वारा अब तक 9 लाख 52 हजार से अधिक रोगियों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें 4,75,375 पी.व्ही.टी.जी. तथा 4,76,647 अन्य हितग्राही शामिल हैं।
यूनिटों द्वारा 95,360 सिकल सेल स्क्रीनिंग और 15,811 टी.बी. स्क्रीनिंग की गई और 7 लाख से अधिक मरीजों की डायग्नॉस्टिक जाँच भी की गई है।
आवास और विद्युत कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित प्रधानमंत्री आवासों में विद्युत आपूर्ति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- प्रत्येक आवास में बिजली कनेक्शन की उपलब्धता का सत्यापन किया जाए।
- जिन घरों में बिजली कनेक्शन नहीं है, उन्हें तत्काल चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए।
पीएम जनमन योजना – प्रदेश के 24 जिलों में व्यापक कार्य
बैठक में प्रस्तुत विवरण के अनुसार पीएम जनमन योजना, जो प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान का हिस्सा है, वर्ष 2023–24 से 2025–26 तक प्रदेश के 24 जिलों में संचालित की जा रही है। योजना का लक्ष्य:
- 6 हजार से अधिक बसाहटों में रहने वाली
- 13 लाख 43 हजार से अधिक पी.व्ही.टी.जी. आबादी
को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।
अभियान के अंतर्गत सात हितग्राही उन्मुख योजनाओं—
आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि तथा राशन कार्ड—में लगभग सैचुरेशन की स्थिति प्राप्त हो चुकी है, जो अभियान की बड़ी उपलब्धि है।
जल प्रदाय योजनाओं की प्रगति
राज्यपाल को बताया गया कि मध्यप्रदेश जल निगम वर्तमान में 147 समूह जल प्रदाय योजनाओं का संचालन कर रहा है।
पीएम जनमन कार्यक्रम के अंतर्गत 48 समूह जल प्रदाय योजनाएँ स्वीकृत हैं, जिनमें:
- अनूपपुर और बालाघाट की योजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं।
- दतिया, कटनी, सिवनी और उमरिया जिलों की 6 योजनाएँ लगभग पूर्ण हैं।
- अन्य शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किए जाने की प्रक्रिया में हैं।
राज्यपाल ने निर्देश दिया कि पेयजल व्यवस्था जनजातीय जनसंख्या की प्राथमिक आवश्यकता है, इसलिए इन योजनाओं को पूरी गुणवत्ता और समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।