
भोपाल: मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पिछले तीन दिनों से आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी चार दिनों तक कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में वर्षा दर्ज की गई, जबकि राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और रात तक हल्की बूंदाबांदी होती रही।बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर और छतरपुर समेत 20 से अधिक जिलों में वर्षा रिकॉर्ड की गई। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।तेज हवाओं का असर कृषि क्षेत्र पर भी देखने को मिला है। शाजापुर और उज्जैन सहित कुछ जिलों में गेहूं की खड़ी फसल झुक गई है। खेतों में फसल आड़ी पड़ने से दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार पिछले तीन दिनों में लगभग 25 जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं, ताकि प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत प्रदान की जा सके।मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में बारिश होने की संभावना है। इनके आसपास के जिलों में भी बादल छाए रहेंगे और हल्की वर्षा हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में बादलों की आवाजाही बनी रहने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 22 फरवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ 23 फरवरी से प्रदेश में असर दिखा सकता है। इसके प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी जिलों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 23 फरवरी को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में बारिश के आसार हैं। वहीं 24 फरवरी को सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बादल बरस सकते हैं।प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानी बरतें। मौसम के इस बदले मिजाज से जहां एक ओर तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर फसलों पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता भी बढ़ी है। आगामी दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।