भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बुधवार को कुछ जिलों में थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन कई स्थानों पर स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। जबलपुर में 9 घंटे में 1 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। भोपाल, बैतूल, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, मंडला, सिवनी, नौगांव, सागर, बालाघाट, उमरिया, नरसिंहपुर सहित 25 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रही।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को राजधानी भोपाल से प्रदेश में बारिश और बाढ़ से उत्पन्न हालातों की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को सतर्क रहने और राहत-बचाव कार्यों में कोई भी लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और तत्काल सहायता कलेक्टरों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही उन्होंने रक्षा मंत्रालय से हेलिकॉप्टर सहायता की मांग भी की है ताकि बाढ़ में फंसे लोगों का शीघ्र रेस्क्यू किया जा सके।

विशेष रूप से श्योपुर जिला बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। क्षेत्र में लगातार बारिश से सीप, पार्वती और चंबल नदियां उफान पर हैं, जिससे कई गांव जलमग्न हो गए हैं। श्योपुर का राजस्थान के सवाईमाधोपुर, कोटा और बारां से संपर्क टूट गया है। पार्वती नदी पुल को पार कर चुकी है, जिससे प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हैं। जेतपुर-बोदल मार्ग पर पुलिया बह चुकी है।प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए रामधर्मशाला और नगर पालिका मैरिज गार्डन में अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं। शिविरों में प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, पानी और रहने की समुचित व्यवस्था की गई है।राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और सभी ज़रूरी कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।