मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मंत्रि-परिषद ने भारत सरकार की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (EMC) 2.0 योजना के अंतर्गत सामान्य सुविधा केंद्र (CFC) के साथ विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास हेतु भोपाल जिले की बैरसिया तहसील के ग्राम बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की।इस परियोजना के लिए 210.21 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। परियोजना लागत 371 करोड़ 95 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें से 146 करोड़ 63 लाख रुपये केंद्रांश तथा 225 करोड़ 32 लाख रुपये राज्यांश होगा। इस निर्णय से प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण (ESDM) क्षेत्र के संवर्धन को गति मिलेगी।भारत सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप यह परियोजना डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। EMC 2.0 योजना का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योगों को मजबूत आधार प्रदान करना, उत्पादन लागत में कमी लाना तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय कंपनियों को सशक्त बनाना है।

योजना अंतर्गत सामान्य सुविधा केंद्र (CFC) भी स्थापित किए जाएंगे। इनका विकास ऐसे क्षेत्रों में किया जाएगा, जहाँ पहले से बड़ी संख्या में विनिर्माण इकाइयाँ कार्यरत हैं। इन केंद्रों में उन्नत तकनीकी बुनियादी ढांचे का प्रावधान होगा, जो उद्योगों को साझा आधार पर उच्चस्तरीय तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों, औद्योगिक पार्कों और औद्योगिक गलियारों में कार्यरत इकाइयों के लिए भी सामान्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।प्रदेश सरकार का मानना है कि इस क्लस्टर की स्थापना से न केवल बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर सृजित होंगे, बल्कि प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में निवेश का प्रमुख गंतव्य बनाने में भी मदद मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों में प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।इस निर्णय से मध्यप्रदेश की औद्योगिक छवि और अधिक सशक्त होगी तथा प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करेगा।