
जम्मू-कश्मीर के सियाचिन ग्लेशियर पर मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए राजगढ़ जिले के ग्राम टूटियाहैड़ी निवासी सिपाही श्री हरिओम नागर का पार्थिव शरीर सोमवार सायं लगभग 4 बजे विशेष विमान से भोपाल लाया गया।भोपाल एयरपोर्ट पर मध्यप्रदेश सरकार की ओर से नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला तथा अपर जिला दण्डाधिकारी श्री अंकुर मेश्राम ने पहुंचकर पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भारत माँ के इस वीर सपूत को नमन करते हुए उनके अमर बलिदान को याद किया।
सियाचिन में तैनाती के दौरान हुआ हादसा
सिपाही हरिओम नागर भारतीय सेना में तैनात रहते हुए सियाचिन में भारत-पाक सीमा पर 13,000 फीट की ऊंचाई पर ड्यूटी कर रहे थे। अत्यंत प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों और कठिन भौगोलिक स्थिति के बीच वे देश की रक्षा में जुटे थे। 20 जुलाई की सुबह लगभग 9 बजे ड्यूटी के दौरान अचानक हुए भूस्खलन में एक विशाल शिला उनके ऊपर गिर गई। इस हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
राज्य सरकार ने व्यक्त किया गहरा शोक
मध्यप्रदेश सरकार ने इस दुःखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिपाही हरिओम नागर ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका यह बलिदान हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा।
गांव में अंतिम संस्कार, राजकीय सम्मान से विदाई
भोपाल से पार्थिव शरीर को राजगढ़ जिले स्थित उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा, जहां उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। इस अवसर पर जिला प्रशासन, सेना के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहेंगे।भारत माँ के इस वीर सपूत को पूरा मध्यप्रदेश नमन करता है और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता है।