भोपाल के समीप स्थित मंडोरी गांव में 24 से 30 जनवरी 2026 तक सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य और श्रद्धामय आयोजन किया जा रहा है। इस पवित्र आयोजन ने पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और भक्ति का विशेष वातावरण निर्मित कर दिया है। श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश प्राप्त हो रहा है।कथा का शुभारंभ शनिवार, 24 जनवरी को प्रातः 11:00 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर गांव की महिलाएं, पुरुष और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भगवान विष्णु के जयकारे लगाते हुए गांव की प्रमुख सड़कों से होकर निकले। पूरे गांव में “हरि बोल” और “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा के समापन के पश्चात विधिवत मंत्रोच्चार के साथ कथा मंडप में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।आयोजन के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायंकाल तक कथा का वाचन किया जा रहा है। कथावाचक द्वारा भागवत महापुराण की प्रथम कथा से लेकर भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, धर्मराज युधिष्ठिर की कथा और भागवत के जीवनोपयोगी उपदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला जा रहा है। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए।कथा स्थल को फूलों, तोरणों और रंगोलियों से सुंदर रूप से सजाया गया है। भजन-कीर्तन, संगीतमय कथा और आरती ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए उपस्थित हो रहे हैं।

इस धार्मिक आयोजन के लिए निवेदक समस्त विश्वकर्मा परिवार एवं ग्रामवासी मंडोरी द्वारा सभी धर्मप्रेमी बंधुओं को सादर आमंत्रित किया गया था। गांव के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे। सभी आगंतुकों को प्रसाद वितरण किया गया, जिससे सेवा और सद्भाव की भावना और अधिक प्रबल हुई। यह आयोजन सामाजिक एकता और आपसी सहयोग का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन 30 जनवरी को विधिवत हवन एवं पूर्णाहुति के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर सभी श्रद्धालु यह संकल्प लेंगे कि वे श्रीमद् भागवत के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाएंगे और धर्म, सत्य एवं सेवा के मार्ग पर चलेंगे। यह धार्मिक महोत्सव मंडोरी गांव की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हो रहा है।