मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय रास बिहारी बोस जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि स्व. श्री रास बिहारी बोस ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में जो अद्वितीय योगदान दिया है, वह युगों-युगों तक स्मरणीय रहेगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा कि रास बिहारी बोस जी न केवल एक क्रांतिकारी विचारक थे, बल्कि एक कुशल संगठनकर्ता और दूरदृष्टि वाले नेता भी थे। उन्होंने भारत माता की स्वतंत्रता के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। मातृभूमि को परतंत्रता की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए उन्होंने न केवल भारत में संघर्ष किया, बल्कि विदेश में रहकर भी आज़ादी की अलख को जलाए रखा।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री बोस का सबसे उल्लेखनीय योगदान ‘आज़ाद हिंद फौज’ की स्थापना में रहा। उन्होंने जापान में भारतीयों को संगठित कर इस ऐतिहासिक सैन्य संगठन की नींव रखी, जो बाद में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ एक सशक्त आवाज़ बना। यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है।

डॉ. यादव ने यह भी कहा कि श्री रास बिहारी बोस ने युवाओं में देशभक्ति की भावना का संचार किया और उन्हें आज़ादी के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। उनका जीवन साहस, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने अनेक कठिन परिस्थितियों में भी अपने ध्येय से कभी विचलित नहीं हुए और अंत तक मातृभूमि के लिए कार्य करते रहे।मुख्यमंत्री ने कहा, “रास बिहारी बोस का योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। वे न केवल अपने समय के युवाओं के लिए प्रेरणा थे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक बने रहेंगे।”मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे रास बिहारी बोस जी जैसे महान देशभक्तों के जीवन से प्रेरणा लें और देश की उन्नति व अखंडता के लिए अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करें।यह अवसर हमें उनके आदर्शों को आत्मसात कर, एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध होने की प्रेरणा देता है।