विश्व रेडक्रॉस दिवस 2025 पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश न केवल संवेदनशीलता का प्रतीक है, बल्कि समाज सेवा की उस अदृश्य शक्ति को भी सलाम है, जो हर आपदा में सबसे पहले सक्रिय होती है—रेडक्रॉस के स्वयंसेवक। इस संदेश को एक अद्वितीय और भावनात्मक ढंग से इस प्रकार वर्णित किया जा सकता है:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व रेडक्रॉस दिवस पर नमन किया उन गुमनाम नायकों को, जो मानवता की सेवा में अपने सुख-दुख से परे हो जाते हैं। उनके शब्दों में वह गूंज सुनाई दी जो जीवन रक्षक कर्तव्यों को एक धर्म की तरह निभाने वालों के लिए सम्मान का घोष है।

“जहाँ संकट की छाया होती है, वहाँ एक प्रकाश की किरण भी होती है—रेडक्रॉस का स्वयंसेवक।”
यह दिन केवल एक जयंती नहीं, बल्कि करुणा की उस विरासत का उत्सव है जिसे हेनरी ड्यूनेंट ने आरंभ किया। आज के दिन हम नमन करते हैं उन हाथों को जो ज़ख्मों पर पट्टियाँ बांधते हैं, उन कदमों को जो बाढ़, भूकंप और महामारी में सबसे पहले पहुँचते हैं, और उन दिलों को जो इंसानियत की धड़कन बन चुके हैं।डॉ. यादव का संदेश एक आह्वान है—“सेवा में ही शक्ति है, और सेवा ही सच्चा राष्ट्रधर्म।” वे हर नागरिक को प्रेरित करते हैं कि वह केवल दर्शक न बने, बल्कि स्वयंसेवक बनकर समाज की पीड़ा को बाँटे और राहत की राह बने।