मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहनों को दी 34वीं किश्त, महिला सशक्तिकरण में मध्यप्रदेश बना देश के लिए उदाहरण,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता एवं स्वावलम्बन के मामले में पूरे देश के लिए उदाहरण बन रही हैं। प्रदेश के 5 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से जुड़कर करीब 65 लाख बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। आज प्रदेश में 12 लाख से अधिक लखपति दीदियां कार्यरत हैं। हम महिला उद्यमियों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमारी बहनें अब फैक्ट्रियों और उद्योगों का नेतृत्व कर रही हैं। प्रदेश के 47 प्रतिशत नए स्टार्ट-अप का नेतृत्व अब हमारी बहनों के हाथों में है। हम सभी बहनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए मिशन मोड में कार्य करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के शबरी माता मंदिर परिसर, घाटीगांव में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन में लाड़ली बहनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने के कारण यहां की बहनों को लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना योजना के रूप में डबल खुशियां मिल रही हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत प्रत्येक कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें प्रदेश की बहन-बेटियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि से पहले बहनों को 1500 रुपये की सौगात मिल रही है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत योजना की 34वीं किश्त के रूप में प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार से अधिक बहनों के खाते में 1 हजार 836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। इनमें ग्वालियर जिले की 3 लाख 16 हजार से अधिक लाड़ली बहनें भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की हर लाड़ली बहन के खाते में हर महीने 1500 रुपये भेजे जा रहे हैं। लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों को प्रदान की जा चुकी है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी लाड़ली बहनों से अपील करते हुए कहा कि वे हर महीने मिलने वाली इस राशि से अपनी रुचि के अनुसार कोई भी काम-धंधा शुरू करें और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान दें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर जिले को 121 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत वाले 54 विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन तथा लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत वाले 19 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें 39 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से कुलैथ घाटीगांव में शासकीय सांदीपनि विद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दो महीने बाद लाड़ली बहना योजना के तीन वर्ष पूर्ण हो जाएंगे। इन तीन वर्षों में प्रदेश की बहनों के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन आया है, वह अभूतपूर्व है। जनवरी 2024 से फरवरी 2026 तक 42 हजार 308 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि बहनों के खातों में अंतरित की जा चुकी है।उन्होंने कहा कि इस योजना ने बहनों को न केवल आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया है, बल्कि उन्हें अपने जीवन को बेहतर बनाने और नए अवसरों को अपनाने का आत्मविश्वास भी दिया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर मध्यप्रदेश का गौरव है। यह धरती शक्ति के आशीर्वाद से सिंचित है और शक्ति की उपासना से ही हमारा संसार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कभी बीहड़ों के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र आज सरकार के प्रयासों से औद्योगिक गतिविधियों का नया केन्द्र और विकास का उदाहरण बन रहा है।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा कन्या पूजन के साथ किया। कार्यक्रम में उपस्थित मातृशक्ति पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र, स्व-सहायता समूहों के चेक तथा मुद्रा योजना के चेक भी वितरित किए।

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