मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नई दिल्ली दौरा सफल, केंद्रीय मंत्रियों से राज्य हित के मुद्दों पर हुई चर्चा,

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों से भेंट कर मध्यप्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका नई दिल्ली प्रवास अत्यंत सफल रहा।मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के मंत्रालयों के साथ बेहतर समन्वय के कारण मध्यप्रदेश को विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति में पूर्ण सहयोग मिल रहा है। राज्य में संचालित कल्याणकारी योजनाओं और भविष्य की दृष्टि से उपयोगी परियोजनाओं पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। साथ ही कई योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश के अग्रणी रहने की जानकारी भी संबंधित मंत्रालयों को दी गई।मध्यप्रदेश में होगी राज्यों के कृषि मंत्रियों की बैठकमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषि क्षेत्र को और उन्नत बनाने के उद्देश्य से निकट भविष्य में सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों की संयुक्त बैठक मध्यप्रदेश में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कृषि विज्ञान केन्द्रों की भूमिका, आधुनिक कृषि तकनीक और किसानों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं पर चर्चामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय कृषि एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के साथ किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के विषय पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में किसान कल्याण वर्ष-2026 के अंतर्गत 17 विभागों के सहयोग से संचालित कृषक कल्याण अभियान की जानकारी भी केंद्रीय मंत्री को दी गई।सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना के सफल क्रियान्वयन के साथ सरसों को भी इस योजना का लाभ देने पर चर्चा हुई। इसके अलावा प्रदेश में तुअर दाल की 55 प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, तिलहन का रकबा बढ़ाने और दाल की खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्रधानमंत्री सड़क योजना और अन्य ग्रामीण आवास योजनाओं के लिए सहयोग प्राप्त करने के विषय में भी चर्चा की गई।वित्तीय प्रबंधन पर केंद्रीय वित्त मंत्री से चर्चामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से भी वित्तीय प्रबंधन के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने वर्तमान वित्त वर्ष में विभिन्न योजनाओं के लक्ष्यों और उनकी पूर्ति की जानकारी देते हुए राज्य के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग पर बातचीत की। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए वित्तीय व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श हुआ।सिंचाई परियोजनाओं पर भी हुई चर्चामुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल से भी उनकी भेंट हुई। उन्होंने कहा कि विश्व में पहली बार मध्यप्रदेश में दो अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं—केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना—को केंद्र सरकार से मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं के लिए लगभग एक-एक लाख करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त होगी।इसके अलावा नर्मदा घाटी सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत गुजरात और महाराष्ट्र के साथ हुए समझौतों, एकल जल परियोजनाओं और समूह नल-जल योजना के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों तक नल से जल पहुंचाने के विषय में भी चर्चा की गई। साथ ही लंबित भुगतानों के समाधान को लेकर भी सकारात्मक बातचीत हुई।नागरिक चिंतित न हों, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई होगीमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट-एशिया क्षेत्र में युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार पूरी तरह सजग है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी प्रकार की चिंता न करें। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं और नागरिकों को रसोई गैस जैसी आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

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