हॉकी के जादूगर के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की पुण्यतिथि पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेजर ध्यानचंद भारतीय खेल जगत की ऐसी अमर विभूति हैं, जिनकी प्रतिभा और उपलब्धियाँ सदियों तक प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि मेजर ध्यानचंद ने हॉकी के मैदान पर अपनी अद्वितीय कला, कौशल और खेल-समर्पण के माध्यम से भारत को विश्व पटल पर विशेष पहचान दिलाई। उनकी खेल प्रतिभा ने न केवल देश को गौरवान्वित किया, बल्कि हॉकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई ऊँचाई भी दिलाई। उन्होंने कहा कि ध्यानचंद का जीवन अनुशासन, परिश्रम और देशभक्ति का ऐसा आदर्श है, जो हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणा का मजबूत स्तंभ है।डॉ. यादव ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का खेल जीवन भारतीय खेल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। ओलंपिक खेलों में उनका प्रदर्शन आज भी विश्व स्तर पर मिसाल माना जाता है। उनकी स्टिक से गेंद का ऐसा तालमेल था कि विश्व के दिग्गज खिलाड़ी भी उनकी तकनीक के मुरीद रहे। उन्होंने कहा कि ध्यानचंद की हॉकी प्रतिभा को शब्दों में समेटना संभव नहीं है, क्योंकि उनका योगदान केवल खेल तक सीमित नहीं था, बल्कि वे देश की गौरवशाली पहचान भी थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद जैसे महान खिलाड़ियों की प्रेरणा से प्रदेश के खिलाड़ियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की भावना और अधिक प्रबल हो रही है। सरकार का प्रयास है कि खेलों के लिए बेहतर संसाधन, प्रशिक्षण सुविधा और अंतरराष्ट्रीय स्तर की संरचना विकसित की जाए, ताकि मध्य प्रदेश देश और दुनिया के खेल मानचित्र पर अपनी पहचान और अधिक मजबूत कर सके।मेजर ध्यानचंद की पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी स्मृति में खेल भावना, अनुशासन और मेहनत की संस्कृति को बढ़ावा देना हम सभी का दायित्व है। देश के युवा खिलाड़ी उनके आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने एक बार फिर महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन और योगदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा और भारतीय खेल जगत को मार्गदर्शन करता रहेगा।