मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टैंड का किया निरीक्षणयात्रियों से की चाय पर चर्चा,

उज्जैन, शनिवार – मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उज्जैन के नानाखेड़ा स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय बस स्टैंड का आकस्मिक निरीक्षण किया। यह बस स्टैंड शहर के प्रमुख परिवहन केंद्रों में से एक है, जहां से न केवल अंतरराज्यीय बस सेवाएँ संचालित होती हैं, बल्कि प्रदेश के विभिन्न शहरों के लिए प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं। मुख्यमंत्री के अचानक निरीक्षण से बस स्टैंड परिसर में मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बस स्टैंड पर संचालित विभिन्न सेवाओं, यात्री सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और ऑटो व बस संचालन की गतिविधियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने कहा कि “नानाखेड़ा बस स्टैंड उज्जैन का महत्वपूर्ण यातायात केंद्र है। यहाँ से रोज बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”

यात्रियों, दुकानदारों और ऑटो चालकों से की बातचीत

निरीक्षण के दौरान डॉ. मोहन यादव ने यात्रियों से उनकी यात्रा के अनुभव, बसों की उपलब्धता, समय पर संचालन, टिकट व्यवस्था और परिसर की सफाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यात्रियों से सीधी संवाद शैली में पूछा कि उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और क्या सुधार की आवश्यकता है। कई यात्रियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बसों के समय पर पहुंचने और पार्किंग की समस्या को लेकर उन्हें कठिनाइयाँ होती हैं। जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बस स्टैंड परिसर में मौजूद दुकानदारों और ऑटो रिक्शा चालकों से भी चर्चा की। उन्होंने उनसे व्यवसाय से जुड़ी समस्याएँ, पार्किंग की स्थिति और पुलिस तथा परिवहन विभाग के सहयोग को लेकर फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार आमजन के हितों को सर्वोपरि रखकर ही निर्णय ले रही है और सभी आवश्यक सुधार जल्द किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बस स्टैंड पर बनाई चाय, लोगों से की ‘चाय पर चर्चा’

निरीक्षण के दौरान एक अनोखा और सौहार्दपूर्ण दृश्य तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस स्टैंड पर स्थित एक चाय की दुकान पर जाकर स्वयं चाय बनाई। स्थानीय नागरिकों के बीच खड़े होकर उन्होंने चाय पर चर्चा की और क्षेत्र की समस्याओं व आवश्यकताओं पर विस्तार से बातचीत की।मुख्यमंत्री के इस सरल और सहज व्यवहार ने उपस्थित नागरिकों का दिल जीत लिया। लोग उनके साथ सहजता से अपनी बात रखते दिखाई दिए। चाय पर चर्चा के दौरान कई मुद्दों पर नागरिकों ने सुझाव भी दिए, जिन्हें मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना और कहा कि “सरकार जनता की सरकार है, इसलिए जनता की बात सर्वोपरि है।”

व्यवस्थाओं में सुधार हेतु दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बस स्टैंड परिसर में साफ–सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता, शौचालयों की स्थिति, टिकट खिड़कियों की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और बसों के प्रवेश–निर्गमन की प्रक्रिया का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए तथा सभी आवश्यक सुधार समयबद्ध तरीके से किए जाएँ।मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन एक धार्मिक, पर्यटन एवं सांस्कृतिक नगरी है, इसलिए शहर का हर महत्वपूर्ण स्थान यात्रियों के लिए सुविधाजनक और सुव्यवस्थित होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि बस स्टैंड क्षेत्र में यातायात नियंत्रण को और प्रभावी बनाया जाए ताकि भीड़भाड़ की स्थिति न बने।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान उपस्थित नागरिकों ने उनके सरल, सहज और जमीनी व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जनता से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को जानकर समाधान की पहल कर रहे हैं। नागरिकों ने कहा कि ऐसे दौरे न केवल सरकारी तंत्र को सक्रिय करते हैं बल्कि जनता के मन में विश्वास भी बढ़ाते हैं।इस निरीक्षण के दौरान प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, परिवहन विभाग के अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी और प्रशासनिक अमला उपस्थित रहा।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि बस स्टैंड को मॉडल बस टर्मिनल के रूप में विकसित करने की दिशा में त्वरित कदम उठाए जाएं, ताकि उज्जैन आने–जाने वाले यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।

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