मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वकप विजेता टीम की सदस्य क्रांति गौड़ का किया सम्मान,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वर्ल्डकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य और मध्यप्रदेश की गौरव बेटी क्रांति गौड़ का सम्मान किया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांति गौड़ को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि न केवल छतरपुर जिले के लिए बल्कि पूरे मध्यप्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियों ने विश्व स्तर पर देश का परचम लहराया है और यह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।इस अवसर पर क्रांति गौड़ के पिता श्री मुन्नालाल गौड़, माता श्रीमती नीलम गौड़ तथा कोच श्री राजीव बिरथरे भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने क्रांति के परिवार की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे परिवार का त्याग, अनुशासन और समर्पण का बड़ा योगदान होता है। उन्होंने क्रांति के पिता की बहाली के प्रयासों की बात कही और घोषणा की कि छतरपुर में एक नया आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम बनाया जाएगा, ताकि वहाँ की खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं के विकास और खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने के लिए संकल्पित है। उन्होंने युवाओं से फिटनेस पर विशेष ध्यान देने की अपील की और कहा कि स्वस्थ शरीर में ही सफलता की ऊर्जा निहित रहती है।कार्यक्रम के दौरान क्रांति गौड़ ने भी अपने जीवन के संघर्षपूर्ण और प्रेरक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि “विश्वकप जीतना मेरे लिए और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण था। यह पल मेरे जीवन का सबसे अविस्मरणीय अनुभव है।”

क्रांति ने बताया कि उन्होंने हमेशा योग और ध्यान को अपने जीवन का हिस्सा बनाया, जिससे कठिन परिस्थितियों में भी मन को स्थिर रखने में मदद मिली। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि “मैं बिल्कुल भी मीठा नहीं खाती, क्योंकि फिटनेस मेरे लिए प्राथमिकता है।”उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात उनके जीवन का एक बड़ा अवसर था। क्रांति ने कहा कि “युवा खिलाड़ी अपने और परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम करें। चाहे समय कितना भी कठिन क्यों न हो, हार मानना या भागना विकल्प नहीं होना चाहिए।”भावुक होते हुए उन्होंने बताया कि “एक दिन हमारे कोच और मैं मंदिर के बाहर एक महिला से मिले, जिसकी गोद में चार महीने की बेटी थी। उस महिला ने कहा कि वह अपनी बेटी को क्रिकेटर बनाना चाहती है। हमने उस दिन निश्चय किया कि सेमीफाइनल मैच हम उसी बच्ची के लिए खेलेंगे। यह भावना ही हमारी जीत की प्रेरणा बनी।”कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्रांति गौड़ को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि मध्यप्रदेश की बेटियाँ अब केवल खेल नहीं खेल रहीं, बल्कि इतिहास रच रही हैं।

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