
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हित में संकल्पित और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हमारे किसान हैं। राज्य सरकार ने सदैव यह सुनिश्चित किया है कि अन्नदाताओं को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो और उनकी मेहनत का पूरा सम्मान किया जाए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। इन्हीं में से एक है ‘भावान्तर भुगतान योजना’, जिसके माध्यम से किसानों को उनकी फसलों के उचित मूल्य का अंतर भुगतान किया जाता है।डॉ. यादव ने बताया कि इस वर्ष सोयाबीन की फसल के लिए राज्य सरकार ने मॉडल रेट प्रति क्विंटल 4,000 रुपये से अधिक निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूरा लाभ सुनिश्चित करने के लिए सोयाबीन उत्पादक किसानों को अतिरिक्त 1,300 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता राशि दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के लाखों किसानों के जीवन में आर्थिक स्थिरता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस योजना से किसानों को बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और उनकी आय में निश्चित रूप से वृद्धि होगी।उन्होंने बताया कि आगामी 13 नवम्बर को राज्य सरकार द्वारा सोयाबीन उत्पादक किसानों को यह अतिरिक्त राशि वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के माध्यम से यह राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में राज्य सरकार “सशक्त भारत – सशक्त मध्यप्रदेश” के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में किसान कल्याण, कृषि विकास, सिंचाई विस्तार और ग्रामीण उन्नति के लिए अनेक नवाचार और योजनाएँ लागू की गई हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि किसान को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। कृषि उत्पादन बढ़ाने, फसल विविधिकरण को प्रोत्साहन देने, तथा आधुनिक तकनीक को गाँव-गाँव तक पहुँचाने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों की मेहनत और सरकार की प्रतिबद्धता से मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।