
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर समाजवादी चिंतक और जन-जन के नेता डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. लोहिया भारतीय राजनीति के ऐसे प्रखर व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, समानता और गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित किया। वे न केवल स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी सेनानी थे, बल्कि आज़ादी के बाद भी उन्होंने भारत में सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना के लिए अथक संघर्ष किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. लोहिया का मानना था कि देश की असली ताकत गांवों, किसानों, मजदूरों और आम जनता में निहित है। वे हर उस व्यवस्था के विरोधी थे, जो समाज में असमानता और अन्याय को बढ़ावा देती थी। उन्होंने जाति और वर्ग के भेदभाव के खिलाफ जन-आंदोलन खड़ा किया और समाज को ‘समान अवसरों के भारत’ की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य किया।डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज भी डॉ. राममनोहर लोहिया के विचार भारतीय समाज और राजनीति में उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता के बाद के दौर में थे। उन्होंने सादगी, सत्यनिष्ठा और त्याग को राजनीति का आधार बनाया और जनसेवा को सर्वोपरि रखा। उनके ‘सात क्रांतियों’ के सिद्धांत आज भी सामाजिक परिवर्तन की दिशा में प्रेरक शक्ति बने हुए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार डॉ. लोहिया जैसे राष्ट्रनायकों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और न्याय पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को देश सेवा, ईमानदारी और सामाजिक समरसता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देते हैं।मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. लोहिया के दिखाए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने, ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करने और लोकतंत्र को जन-जन तक पहुँचाने के जो प्रयास किए, वे आज भी भारत के विकास पथ को दिशा प्रदान करते हैं।
मुख्य संदेश:
डॉ. राममनोहर लोहिया का जीवन सामाजिक समानता, न्याय और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनके आदर्शों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।